रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र के अकोला डिस्ट्रिक सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। बैंक ने KYC कंप्लाएंस नहीं पूरा किया था जिसकी वजह से यह जुर्माना लगाया गया है। RBI ने यह पेनाल्टी बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के सेक्शन 47 A (1) (c) के तहत नियमों का पालन ना करने पर लगाया है।
बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक पर भी पेनाल्टी
इससे पहले 3 सितंबर को RBI ने बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक (Bombay Mercantile Co-operative Bank) पर नियमों का पालन ना करने पर 50 लाख रुपये का मोनेटरी जुर्माना लगाया था। केंद्रीय बैंक ने एक बयान जारी कर कहा था कि यह उल्लंघन भारतीय रिजर्व बैंक के जमा पर ब्याज दर के नियमों से संबंधित है।
RBI ने कहा कि यह कार्रवाई नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) में कमी पर आधारित है। इस जुर्माने का असर बैंक में ग्राहकों के ट्रांजैक्शन या एग्रीमेंट पर नहीं होगा।
बैंक ने असुरक्षित अग्रिमों को मंजूरी दी थी, जिसके परिणामस्वरूप आरबीआई द्वारा जारी निर्देशों का पालन नहीं किया गया था। इसके बाद, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था जिसमें यह सलाह दी गई थी कि वह कारण बताए कि आरबीआई द्वारा जारी निर्देशों के उल्लंघन के लिए जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए।
RBI ने नियम तोड़ने की वजह से एक्सिस बैंक पर 1 सितंबर को 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। RBI ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। RBI ने बताया कि एक्सिस बैंक ने Know Your Customer (KYC) डायरेक्शन, 2016 के नियमों का उल्लंघन किया है जिसकी वजह से यह जुर्माना लगाया गया है।
एक्सिस बैंक पर भी लगा था जुर्माना
RBI ने बताया कि यह जुर्माना रेगुलेटर के नियम ना मानने की वजह से लगाया गया था। इसका बैंक के ट्रांजैक्शन पर कोई असर नहीं होगा। RBI ने फरवरी 2020 से लेकर मार्च 2020 के बीच इस बाच की जांच की है कि एक्सिस बैंक किस तरह अपने ग्राहकों के अकाउंट को मेंटेन कर रहा है। जांच में RBI ने पाया कि एक्सिस बैंक RBI की तरफ से जारी नियमों को पालन करने में नाकाम रहा है।