दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला के निवेश वाली भारत की सबसे नई बजट एयरलाइन अकासा आकाश में उतर गई है और उड़ान भर रही है। उड्डयन मंत्री (Aviation Minister)ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 8 अगस्त को अकासा एयर की पहली व्यावसायिक उड़ान को हरी झंडी दिखाई। ये पहली उड़ान मुंबई से अहमदाबाद के लिए थी।
भारतीय अरबपति और "भारत वॉरेन बफेट" के नाम से पहचाने जाने वाले राकेश झुनझुनवाला ने भारत में तेजी से ग्रोथ करते घरेलू एवीएशन सेक्टर का फायदा उठाने के लिए इंडिगो और जेट एयरवेज के पूर्व CEO के साथ हाथ मिलाया है। अकासा एयर को इस वेंचर के लिए ढेरों शुभकामनाएं मिलीं है लेकिन भारत का एविएशन सेक्टर थोड़ा चुनौतीपूर्ण महौल से गुजरता दिख रहा है। जेट ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और ये सेक्टर अभी भी कोरोनावायरस के झटके से उबर रहा है।
ग्लोबल इकोनॉमी भी मुश्किल को दौर में है। रूस-यूक्रेन युद्ध के छठे महीने में प्रवेश करने के साथ ही मंदी की आशंका बढ़ गई है। इस लड़ाई के थमने के भी कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। ताइवान को लेकर दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका और चीन आमने-सामने आ गई हैं। अगर इनके बीच संघर्ष होता है तो स्थितियां और बिगड़ जाएंगी।
Akasa Air के को-फाउंडर के तौर पर राकेश झुनझुनवाला ने नए व्यवसाय में कदम रखा है। राकेश ने अभी तक की अपनी सारी पहचान शेयर बाजार में एक वैल्यू शेयर इन्वेस्टर के तौर पर बनाई है। 62 वर्षीय राकेश झुनझुनवाला के एविएशन जैसे भारी पूंजी जरूरत वाले सेक्टर में कदम रखने से तमाम जानकारों के माथे पर बल पर पड़ गए हैं।
अरबपतियों के निवेश वाली एयरलाइन का इतिहास अब तक बहुत अच्छा नहीं रहा है। इसके साथ ही इस समय वैश्विक और घरेलू , आर्थिक स्थितियां भी काफी खऱाब हैं। ऐसे में राकेश झुनझुनवाला की Akasa को लेकर तमाम बाजार जानकारों को भरोसा नहीं है।
बतातें चलें कि Kingfisher एयरलाइंस के 2012 में दिवालिया होने के बाद उसके प्रमोटर विजय माल्या देश से भाग गए हैं। उनके ऊपर भारतीय बैंकों से 1 अरब डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है। विजय माल्या ब्रिटेन में है और भारत सरकार उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। इसी तरह एयर सहारा के सुब्रत रॉय और जेट एयरवेज के नरेश गोयल को भी एयरलाइंस कारोबार में भारी घाटे का सामान करना पड़ा है। जेट एयरवेज 2019 में बंद हो गई। तमाम लोगों का कहना है कि जेट एयरवेज के पतन का कारण एयर सहारा के अधिग्रहण के लिए किया गया करार था।
एक इंडस्ट्री इवेंट में इस पर बात करते हुए राकेश झुनझुनवाला ने कहा कि इन सवालों का जवाब देने की तुलना में मैं यह कहना ज्यादा पसंद करूंगा कि मैं Akasa की असफलता के लिए के तैयार हूं। कोई कोशिश ना करने की तुलना में कोशिश करना और असफल होना ज्यादा बेहतर है। उम्मीद है कि मैं लोगों को गलत साबित कर दूंगा। यह अब मेरे लिए स्वाभिमान का विषय बन गया है।
बतातें चलें कि राकेश झुनझुनवाला ने नई एयरलाइंस में 40 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 3.5 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। Akasa का लक्ष्य है कि लॉन्चिंग की तिथि से 12 महीने के अंदर उसके बेड़े में 18 एयरक्राफ्ट शामिल हो जाएं। कंपनी की अगले 5 साल में 72 जहाजों का बेड़ा बनाने की योजना है। इसके लिए नवंबर 2021 में Akasa ने करीब 9 अरब डॉलर के 72 Boeing737 MAX जेट जहाजों के लिए ऑर्डर दिए थे। कंपनी का मुकाबला IndiGo और SpiceJet जैसी कंपनियों से है।