दिल्ली में 26 जनवरी तक हर सुबह करीब 2.30 घंटे तक न उड़ान भरेगी, न लैंड होगी कोई फ्लाइट

Republic Day 2025: ऐसा गणतंत्र दिवस परेड की प्रैक्टिस और फुल ड्रेन रिहर्सल के लिए किया गया है, जिसमें हर साल परेड, फ्लाईपास्ट और कर्तव्य पथ पर सांस्कृतिक झांकियां और सैन्य हथियारों का प्रदर्शन शामिल है। NOTAM आज जारी किया गया। जरूरी नहीं कि जो फ्लाइट्स प्रभावित होंगी, उन्हें रद्द ही किया जाए। हालांकि, उनके समय में जरूर बदलाव होगा

अपडेटेड Jan 07, 2025 पर 8:05 PM
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दिल्ली में 26 जनवरी तक हर सुबह करीब 2.30 घंटे तक न उड़ान भरेगी, न लैंड होगी कोई फ्लाइट

पहले से ही कोहरे की मार झेल रहे दिल्ली एयरपोर्ट पर 19 जनवरी से और भी ज्यादा रुकावटें पैदा हो सकती हैं, क्योंकि 19 से 26 जनवरी तक कुल आठ दिनों के लिए सुबह 10:20 बजे से 12:45 बजे तक दिल्ली के ऊपर एयर स्पेस बंद करने के लिए NOTAM (नोटिस टू एयरमैन) जारी किया गया है। ऐसा गणतंत्र दिवस परेड की प्रैक्टिस और फुल ड्रेन रिहर्सल के लिए किया गया है, जिसमें हर साल परेड, फ्लाईपास्ट और कर्तव्य पथ पर सांस्कृतिक झांकियां और सैन्य हथियारों का प्रदर्शन शामिल है। NOTAM आज जारी किया गया।

कितनी फ्लाइट्स पर पड़ेगा असर?

एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सीरियम की ओर से शेयर किए गए डेटा से पता चलता है कि NOTAM से 1,336 फ्लाइट प्रभावित होंगी। ये प्रतिबंध 19 जनवरी, रविवार से शुरू होगा और अगले रविवार, गणतंत्र दिवस तक जारी रहेगा।


रविवार को 1020 से 1245 बजे के बीच 85 डिपार्चर और इतनी ही फ्लाइट अराइव होती हैं। सोमवार, 20 जनवरी को 85 डिपार्चर और 84 अराइवल फ्लाइट पर असर पड़ेगा। मंगलवार के दिन ये संख्या थोड़ी कम होती है, जब 79 डिपार्चर और 81 अराइवल फ्लाइट प्रभावित होंगी।

इसका असर बाकी दिन में 81 से 84 डिपार्चर और 82 से 87 अराइवल फ्लाट्स के बीच है। इस तरह आठ दिनों में कुल 665 डिपार्चर और 671 अराइवल फ्लाइट पर सीधा असर पड़ सकता है।

डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट पर असर

इसका असर केवल डोमेस्टिक फ्लाइट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि टोरंटो, वाशिंगटन, ताशकंद, काठमांडू और कोलंबो सहित दूसरी जगहों से आने वाली फ्लाइट पर भी इसका प्रभाव दिखाई दे रहा है।

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा के साथ-साथ फ्लाईपास्ट में शामिल विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा कारणों से इस तरह के क्लोजर की जरूरत है।

जरूरी नहीं कि जो फ्लाइट्स प्रभावित होंगी, उन्हें रद्द ही किया जाए। हालांकि, उनके समय में जरूर बदलाव होगा। वैकल्पिक रूप से, यात्रियों को अलग समय पर अलग फ्लाइट में जगह दी जाएगी।

क्योंकि ये क्लोजर ऐसे समय हो रहा है, जब दिल्ली में कोहरा छाया हुआ है, इसलिए किसी खास दिन जब विजिबिलिटी कम हो जाती है, तो कम ड्यूरेशन में ज्यादा फ्लाइट्स और यात्रियों को संभालने में परेशानी हो सकती है।

यात्रियों को क्या करना चाहिए?

अगर आप तय समय और तारीखों पर दिल्ली से आने या जाने वाले हैं, तो अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल को अपडेट रखें, ताकि एयरलाइंस जल्द से जल्द आपको कैंसिलेशन की संभावना के बारे में बता सकें।

कैंसिलेशन के मामले में, एयरलाइन्स वैकल्पिक विकल्प या रिफंड करती हैं। अंतिम समय में बदलाव को ध्यान में रखते हुए, हवाई किराया टिकट बुक किए जाने के समय से ज्यादा होने की संभावना है, और इसलिए वैकल्पिक विकल्पों का चयन करना समझदारी भरा हो सकता है।

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