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Sambhal Case: सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को हाई कोर्ट जाने को कहा, ट्रायल कोर्ट को भी मामला आगे नहीं बढ़ाने का निर्देश

Sambhal Clash: सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि एडवोकेट कमिश्नर की सर्वे रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रखा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अपने सामने लंबित रखा और मामले को 6 जनवरी, 2025 से शुरू होने वाले हफ्ते में सुनवाई के लिए पोस्ट किया

Shubham Sharmaअपडेटेड Nov 29, 2024 पर 1:19 PM
Sambhal Case: सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को हाई कोर्ट जाने को कहा, ट्रायल कोर्ट को भी मामला आगे नहीं बढ़ाने का निर्देश
Sambhal Case: सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को हाई कोर्ट जाने को कहा

संभाल मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। शीर्ष अदालत ने मुस्लिम पक्ष को हाई कोर्ट जाने के लिए कहा और साथ ही ट्रायल कोर्ट को भी मामला आगे नहीं बढ़ाने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया कि जब तक संभल मस्जिद की शाही ईदगाह कमेटी हाईकोर्ट नहीं जाती, तब तक मामले को आगे न बढ़ाया जाए। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि एडवोकेट कमिश्नर की सर्वे रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रखा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अपने सामने लंबित रखा और मामले को 6 जनवरी, 2025 से शुरू होने वाले हफ्ते में सुनवाई के लिए पोस्ट किया।

सुनवाई को बाद हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया, "सुप्रीम कोर्ट ने सबसे पहले चिंता जताई की वहां पर शांति और सद्भाव बरकरार रहे। सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी से कहा कि आप इस ऑर्डर को हाई कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। सुप्रीम ने ये भी कहा है कि 3 दिन के अंदर अगर आप हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करते हैं, तो मामला हाई कोर्ट में लिस्ट किया जाए और हाई कोर्ट के अगले निर्देश का इंतजार किया जाए। तब तक के लिए ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई रुकी रहेगी।"

मस्जिद कमेटी ने दायर की थी याचिका

अदालत का यह आदेश संभल की शाही जामा मस्जिद की प्रबंधन समिति की ओर से गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के एक दिन बाद आया, जिसमें जिला अदालत के 19 नवंबर के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें मुगलकालीन मस्जिद के सर्वे का निर्देश दिया गया था।

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