हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला (Shimla) में शुक्रवार को सीजन की पहली बर्फबारी (Snowfall) हुई। शिमला के अलावा चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और किन्नौर में भी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ताजा बर्फबारी से हिमाचल में तीन नेशनल हाईवे समेत 200 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। जबकि 400 से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट छा गया है। शिमला की सबसे ऊंची चोटी जाखू में शुक्रवार तड़के सीजन की पहली बर्फबारी हुई। शिमला जिले के नारकंडा इलाके में भीषण बर्फबारी जारी है।
बर्फबारी को देखने के लिए शिमला में पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। बर्फबारी ने होटल कारोबारियों के लिए भी खुशियां ला दी हैं, जो वीकेंड में कारोबार में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शिमला शहर और उसके आसपास के इलाकों में ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई है। यह शिमला में मौसम की पहली बर्फबारी है।
आज सुबह हुई बारिश के बाद जाखू मंदिर, फागू, ठियोग और कोटगढ़ के कुछ हिस्से बर्फ की सफेद चादर में ढक गए हैं। राज्य के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए शिमला जिले के लोकप्रिय हिल स्टेशन कुफरी में भी गुरुवार देर रात बर्फबारी हुई। क्षेत्र के निवासियों ने कहा कि इस साल बर्फबारी में देरी हुई है। शिमला में पिछले साल 8 जनवरी से बर्फबारी हुई थी।
राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने इस वीकेंड शिमला के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की भविष्यवाणी की है। ताजा बर्फबारी से नारकंडा सहित शिमला के ऊपरी हिस्सों में बस सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे सावधानी से यात्रा करें, क्योंकि कई मार्गों पर चलना मुश्किल होगा। इस हफ्ते की शुरुआत में रोहतांग, काजा और लाहौल-स्पीति के पास अटल टनल पर हुई भारी बर्फबारी से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
हिमाचल के ऊंचाई वालों इलाकों में बर्फबारी और मध्यवर्ती एवं मैदानी भागों में बारिश हो रही है। पूरे राज्य को शीतलहर ने जकड़ लिया है। तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। बर्फबारी से ऊपरी शिमला की अधिकांश सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन द्वारा सड़कों से बर्फ को हटाया जा रहा है।