Snake Venom: इन दिनों सांप के जहर का नशा सुर्खियां बटोर रहा है। हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है। इस मामले में बिग बॉस ओटीटी सीजन-2 के विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव सुर्खियों में हैं। उन पर आरोप है कि वो नोएडा में अपने साथियों के साथ रेव पार्टी करते थे। नशे में सांपों के जहर का इस्तेमाल करते थे। हालांकि, पूरे मामले में यूट्यूबर ने अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। ऐसे में अब सवाल ये उठने लगा है कि आखिर सांप का जहर क्या होता है? कैसे इस्तेमाल किया जाता है? इसका चलन तेजी से क्यों बढ़ रहा है ?
दरअसल, रेव पार्टियां हमेशा से ड्रग्स के लिए बदनाम रही हैं। रईसजादों की रेव पार्टियों की जान अमूमन कोकीन और एफेड्राइन जैसी ड्रग्स होती हैं। इनकी एक पिल 4,000-7,000 रुपये में आती है। लेकिन, अब K-72 और K-76 यानी कोबरा के जहर की गोली युवाओं को अपनी जद में ले रही। जहर को प्रोसेस कर पाउडर बनाया जाता है। जिसकी एक चुटकी 28000 रुपये से लेकर 32,000 रुपये तक में बिकती है।
कैसे बनता है सांप के जहर का ड्रग?
सांप के जहर का ड्रग बनाने के लिए सांपों की कुछ खास प्रजातियों का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें नाजा-नाजा (कोबरा), ग्रीन स्नेक और बंगेकरस केरिलियुस (क्रॉमन क्रैत) शामिल हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, सांप के जहर में ऐसे केमिकल होते हैं, जो खास तरह का आनंद महसूस कराते हैं। शरीर को एनर्जी से भरते हैं, क्योंकि इनका असर सीधे दिमाग पर होता है। सांप के जहर की कुछ बूंदों को अल्कोहल में मिलाकर लिया जाता है। वहीं कुछ इस जहर को प्रोसेस कर पाउडर में बदल देते हैं। 500 ML जहर को पाउडर में प्रोसेस किया जाता है। जिसका इस्तेमाल 1,000 लीटर शराब में किया जा सकता है।
सांप से कटवाने का बढ़ा चलन
कोकीन, अफीम, गांजा जैसे नशा करने वाले रेव पार्टी में लोग स्नेक बाइट का भी मजा लेने लगे हैं। रेव पार्टी में लोग सांप से भी कटवाने लगे हैं। स्नेक बाइट यानी सांप के जीभ पर डंसते ही नशा चढ़ने लगता है। ये नशा सांप के नशे के विषैलेपन के आधार पर पांच दिनों से एक महीने तक बना रहता है। रेव पार्टी में ये सांप संपेरों के जरिए लाए जाते हैं।