सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurveda) के खिलाफ भ्रामक विज्ञापन (Misleading Advertisments) मामले की सुनवाई के दौरान बच्चों, शिशुओं और महिलाओं सहित सभी कंज्यूमर्स की सुरक्षा पर जोर दिया। मामले की सुनवाई करते हुए बेंच ने यह पूछा कि पतंजलि ने अखबारों में जो माफीनामा छपवाया है, क्या उसका साइज उसके विज्ञापनों के साइज के बराबर था या नहीं। कोर्ट ने यह भी कहा कि 'केंद्र सरकार को इस पर जागना चाहिए' और मामले पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
