चांद की सतह पर जैसे ही भारत का चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) उतरा, इसने इतिहास रच दिया। पहली बार कोई देश चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा था और चांद की सतह पर उतरने वाला यह चौथा देश बन गया। इसरो (ISRO) की इस कामयाबी ने 60 साल के एक शख्स रमेश कुन्हिकण्णन (Ramesh Kunhikannan) को अरबपति बना दिया। यह शख्स है मैसूर में कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया (Kaynes Technology India) का फाउंडर और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर। यह वही कंपनी है जिसने चंद्रयान-3 के रोवर और लैंडर को पावर सप्लाई के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम सप्लाई किया था। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'मेक इन इंडिया' से इसके कारोबार को तगड़ा सपोर्ट मिला है।
