दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और उपराज्यपाल (LG) के बीच जारी खींचतान में एक नया मोड़ आ गया है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कथित खादी घोटाले के आरोपों को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना द्वारा भेजे गए मानहानि नोटिस को बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान फाड़ दिया। AAP नेता ने नोटिस फाड़ते हुए संवैधानिक पद से बर्खास्त करने की मांग करते हुए एलजी सक्सेना पर तीखा हमला किया।
संजय सिंह ने एलजी वीके सक्सेना के मानहानि नोटिस की कॉपी को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान फाड़ते हुए कहा कि उनको मैं कहना चाहता हूं कि भारत का संविधान मुझे सच बोलने का अधिकार देता है। देश के सर्वोच्च सदन का सदस्य होने के नाते मुझे सच बोलने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि मैं किसी चोर भ्रष्ट व्यक्ति के नोटिस भेजने से रुकने और डरने वाला नहीं हूं। ऐसे नोटिस को मैं 10 बार फाड़ कर फेंकता हूं।
आप नेता ने कहा कि केंद्र सरकार से भ्रष्ट LG को हटा कर इसकी गिरफ्तारी करे जो 2.5 लाख कारीगरों का पैसा खा गया। इस LG के भ्रष्टाचार की पोल खोलो तो नोटिस भेजता है। मैं ऐसे 10 नोटिस फाड़ता हूं। सिंह ने आगे कहा कि वीके सक्सेना के खिलाफ CBI-ED जांच हो और पता लगाया जाए कि लूट का पैसा कहां रखा है।
LG ने AAA नेताओं को भेजा नोटिस
बता दें कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान 1400 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में उनकी संलिप्तता रहने के झूठे और अपमानजनक आरोप लगाए जाने पर सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा।
यह नोटिस आप के नेताओं आतिशी, दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और जैस्मीन शाह सहित अन्य को भेजा गया है। सक्सेना ने आरोप लगाया है कि आप नेताओं ने प्रतिशोध के कारण एक अपमानजनक अभियान शुरू किया है, क्योंकि उनके कार्यों ने आप के प्रमुख नेताओं के भ्रष्टाचार को उजागर किया है।
इस नोटिस में आप नेताओं को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करने के लिए कहा गया है, जिसमें पार्टी के सभी सदस्यों और इससे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी व्यक्तियों को निर्देश दिया जाए कि वे झूठे, मानहानिकारक, दुर्भावनापूर्ण और निराधार बयान देने और उसका प्रसार करने से दूर रहें।
कानूनी नोटिस में आप नेताओं को नोटिस प्राप्ति के 48 घंटों के भीतर इसमें कही गई बातों का पालन करने के लिए कहा गया है। आप के सूत्रों ने राज्यपाल पर उसके नेताओं को कानूनी नोटिस भेजने के लिए निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लोगों को धमकी देना बंद कर देना चाहिए।