Bengaluru Floods: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भारी बारिश जमकर तबाही मचा रही है। मूसलाधार बारिश ने राज्य में 90 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। आईटी कैपिटल के नाम से मशहूर बेंगलुरु (Bangalore) में भारी बारिश की वजह से सड़कें तालाब बन चुकी हैं। कई निचले इलाकों में जल जमाव हो गया है और घरों में भी पानी घुस गया है।
हालात ऐसे हैं कि शहर के रिहायशी इलाकों में आलीशान बंगले और लेक्सस, बेंटले, BMW एवं रेंज रोवर जैसी लग्जरी कारें आधा पानी में डूब गई हैं। बारिश के कारण अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। कई इलाकों में सड़कों पर नाव चलाने की नौबत आ गई है।
बेंगलुरु में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है, जब IT कर्मचारी ट्रैक्टर पर दफ्तर जा रहे हैं। इस बीच, सड़कों पर पानी भरने के बाद IT कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम की घोषणा कर दी है। मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में 8 और 9 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
लोगों को पड़े खाने के लाले
इस बीच बेंगलुरु के निवासियों को किराने का सामान और भोजन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यूजर्स का कहना है कि कुछ जगहों के खाने का ऑर्डर बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा रहा है। यहां तक कि वह कंपनियां जो सामान्य दिनों में तेजी से डिलीवरी का दावा करती हैं, वह भी डिलीवरी में एक घंटे से अधिक समय लग रहा है।
स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) के प्रमुख कार्तिक गुरुमूर्ति के एक ट्वीट के अनुसार, सरजापुर, मराठाहल्ली और बेलंदूर सहित कुछ स्थानों पर बारिश का गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि हम अपने विक्रेताओं के साथ आज अधिक से अधिक ऑर्डर देने के लिए काम कर रहे हैं। हम पर भरोसा करें... आपके ऑर्डर में देरी हो सकती है, लेकिन हम डिलीवरी जरूर करेंगे।
शहर में मंगलवार को जगह-जगह दो पहिया वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों पर अपने वाहनों को धकेलते और पैदल यात्रियों को घुटनों तक पानी से गुजरते देखा गया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शहर में पानी भरने के लिए भारी बारिश और पिछली कांग्रेस सरकारों के कुप्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हर मुश्किल का सामना करते हुए शहर में बारिश से उपजी समस्याओं को दूर करने की चुनौती स्वीकार की है। यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे कि भविष्य में फिर ऐसी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
बोम्मई ने कहा कि कर्नाटक, विशेष रूप से बेंगलुरु में पिछले 90 साल में ऐसी अप्रत्याशित बारिश नहीं हुई थी। सभी जलाशय भर गए हैं और उनमें क्षमता से अधिक पानी है। लगातार बारिश हो रही है, हर दिन बारिश हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी छवि बनाई जा रही है कि पूरे शहर में समस्या व्याप्त है, जबकि ऐसा नहीं है।
सीएम ने कहा कि दो जोन में समस्या है, विशेष रूप से महादेवपुरा में क्योंकि उस छोटे से क्षेत्र में 69 तालाब हैं और सभी भर गए हैं। दूसरा, सभी प्रतिष्ठान निचले इलाकों में हैं और अतिक्रमण हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इसे चुनौती के रूप में लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी, इंजीनियर और एसडीआरएफ के कर्मी 24 घंटे काम कर रहे हैं।
रविवार से हो रही भारी बारिश लोगों के लिए समस्या बनी हुई है। बारिश और जलजमाव की वजह से कई स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी है और कुछ दिनों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की है, जबकि कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से ही काम करने की सलाह दी है।