सैलरी 3 करोड़ और काम कुछ नहीं, क्या आप Amazon के इस एंप्लॉयी के दावे पर यकीन करेंगे?

यह एंप्लॉयी Amazon में सीनियर टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर है। खास बात यह है कि उसने खुद इस बारे में बताया है। उसने यह भी कहा है कि गूगल से निकाले जाने के बाद उसने यह सोचकर ही एमेजॉन में नौकरी शुरू की थी कि वह बिना किसी काम के सैलरी लेगा

अपडेटेड Aug 24, 2024 पर 7:19 PM
Amazon के इस एंप्लॉयी का दावा है कि वह कम से कम काम करता है और उसके सीनियर अफसरों को इसकी कोई भनक नहीं है।

गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एमेजॉन जैसी कंपनियों में करोड़ों की सैलरी आम बात है। लेकिन, अगर कोई एंप्लॉयी यह दावा करता है कि उसे बगैर खास काम के सालाना 3 करोड़ रुपये से ज्यादा सैलरी मिलती है तो आप यकीन करेंगे? दरअसल, एमेजॉन के एक एंप्लॉयी ने यह दावा किया है। उसने इस बारे में प्रोफेशनल फोरम ब्लाइंड पर इस बारे में बताया है। उसके इस दावे की खूब चर्चा हो रही है। आइए जानते हैं यह पूरा मामला क्या है।

काम नहीं करने के इरादे से ज्वाइन की थी नौकरी

यह एंप्लॉयी Amazon में सीनियर टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर है। उसने कहा है कि उसने इस इरादे से कंपनी में नौकरी शुरू की थी कि वह थोड़ा काम के लिए मोटी सैलरी लेगा। उसकी सालाना सैलरी 3,70,000 डॉलर है जो रुपये में सालाना 3,10,39,263 करोड़ रुपये बैठता है। उसने यह भी कहा है कि इतनी ज्यादा सैलरी लेने के बावजूद उसने कोई बड़ा लक्ष्य हासिल नहीं किया। वह कम से कम काम करता है और उसके सीनियर अफसरों को इसकी कोई भनक नहीं है।


सिर्फ तीन दिन काम किया और बताया तीन महीने

उसने Blind पर लिखा है, "गूगल से निकाले जाने के बाद मैंने 1.5 साल पहले एमेजॉन ज्वाइन किया था। मैंने बैठे-बैठे सैलरी लेने के लिए ही यह नौकरी ज्वाइन की थी। आखिर में मुझ पर्फॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (PIP) में डाल दिया गया।" उसने यह भी बताया है कि अपनी नौकरी के दौरान उसने सिर्फ 7 सपोर्ट टिकट पूरे किए हैं। सिर्फ एक ऑटोमेटेड डैशबोर्ड बनाया है। लेकिन, उसने इसे तीन महीनों में बनाने का दावा किया। हकीकत यह है कि ChatGPT की मदद से इसे बनाने में सिर्फ 3 दिन लगे।

कई यूजर्स ने एंप्लॉयी की आलोचना की है

उसने अपने रोजाना के रूटीन के बारे में भी बताया है। उसने कहा है कि वह रोजाना मीटिंग में शामिल होता है। काम से जुड़े रिक्वेस्ट को वह दूसरी टीम कौ सौंप देता है। उसने लिखा है, "रोजाना मेरा काम दूसरी टीम को मना करना होता है।" उसके इस खुलासे से सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। यूजर्स अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया जता रहे हैं। कुछ ने उसकी आलोचना की है। उनका कहना है कि ऐसे ही लोग काम करने वाली लोगों की छवि खराब करते हैं।

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Amazon ने इस बारे में टिप्पणी नहीं की है

एक दूसरे यूजर ने लिखा है कि ऐसे लोगों की वजह से उन लोगों का काम भी खराब हो जाता है जो मेहनत करना चाहती हैं और ईमानदारी की रोटी कमाना चाहते हैं। एक दूसरे यूजर ने लिखा है कि यह कैसे मुमकिन हो सकता है। कोई व्यक्ति कैसे पूरे दिन बेकार बैठ सकता है। इस बीच Amazon ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है।

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