वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) कर रहे एक एंप्लॉयी को जब एमेजॉन (Amazon) ने वापस ऑफिस से काम करने के लिए बुलाया तो उसने मना कर दिया। उसने करीब चार साल तक घर से काम किया था। इसके बाद ऑफिस से काम करने के लिए दबाव बढ़ा तो एंप्लॉयी ने ऑफिस ज्वॉइन करने की बजाय कंपनी ही छोड़ दी। इससे उसे 2 लाख डॉलर (1.7 करोड़ रुपये) के कंपनी के शेयर छोड़ने पड़े। हालांकि उसे इस बात का अफसोस नहीं है। उसका दावा है कि ऑफिस ज्वाइन करने के लिए शिफ्टिंग में ही उसके 1.2 करोड़ रुपये खर्च हो जाते।
आखिर ज्वाइन क्यों नहीं किया Amazon
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एमेजॉन के इस एंप्लॉयी को ऑफिस से काम करने के लिए घर से काफी दूर शिफ्ट होना पड़ता। उसका घर न्यूयॉर्क में है और एमेजॉन उसे करीब 2400 किमी दूर सिएटल में बुला रही थी। साढ़े तीन साल तक एमेजॉन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर चुके एंप्लॉयी का कहना है कि उसे काम करने में मजा बहुत आया और अगर ऑफिस जाने की अनिवार्यता न होती तो वह इसे छोड़ता भी नहीं। न्यूयॉर्क में अभी हाल में उसने और उसकी पत्नी ने एक प्रॉपर्टी खरीदी थी तो इससे किसी और शहर में जाने का कोई तुक ही नहीं बनता। उसने अपने बॉस को बताया कि परिवार और जानवरों के साथ उसे सिएटल में शिफ्ट होने के लिए 1.5 लाख डॉलर (1.2 करोड़ रुपये) खर्च होते तो वर्क फ्रॉम होम बढ़ाने की मांग की थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसने रिलोकेशन पैकेज का भी रास्ता खोजा लेकिन वह नहीं मिला।
जब कंपनी से दबाव बढ़ने लगा तो उसने बाहर निकलने का फैसला किया। एमेजॉन का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम से काम बेहतर नहीं होता है लेकिन एंप्लॉयीज का दावा है कि इसे लेकर कोई आंकड़ा ही नहीं है जो कंपनी के अनुमान को सपोर्ट करे। एमेजॉन से निकलने के बाद वह एमेजॉन के ही एक पूर्व एंप्लॉयी के स्टार्टअप में वर्क फ्रॉम होम के जरिए काम कर रहा है। वह अपनी नई नौकरी से उत्साहित है लेकिन यह भी कह रहा है कि अगर यहां भी ऑफिस से काम के लिए दबाव बनाया जाएगा तो वह दूसरी नौकरी खोजने से नहीं हिचकेगा।