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बारिश के मौसम में बढ़ता है अमिबियासिस का खतरा, जानिए लक्षण और कैसे करें बचाव

Amebiasis Infection: बारिश के मौसम में कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। अमीबियासिस भी ऐसे संक्रमणों में से एक है। जिसका खतरा बारिश के मौसम में बढ़ सकता है। अमिबियासिस आंतों में होने वाला एक परजीवी संक्रमण है, जो एंटअमीबा हिस्टॉलिटिका नामक प्रोटोजोआ के कारण होता है। इससे पेट में दर्द, जी मिचलाना और दस्त लगने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Jul 03, 2023 पर 1:05 PM
बारिश के मौसम में बढ़ता है अमिबियासिस का खतरा, जानिए लक्षण और कैसे करें बचाव
Amebiasis Infection: अमीबियासिस से पीड़ित व्यक्ति के पेट में सिस्ट बनने के 1 से 4 हफ्ते बाद इस बीमारी के लक्षण नजर आने लगते हैं।

Amebiasis Infection: भीषण गर्मी के बाद अब देश के कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। तपती गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि बारिश के मौसम में कई तरह की बीमारियां फैलने लगती है। इन बीमारियों में एक अमीबियासिस (Amebiasis) भी है। अगर आपको भी बारिश के मौसम में चक्कर आना, बुखार या कमजोरी महसूस हो रही है, तो ये अमीबियासिस के लक्षण हो सकते हैं। बारिश के मौसम में छोटे से लेकर बड़ों तक इस संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लिहाजा बारिश के मौसम में बीमारियों से बचाव करना बेहद जरूरी है।

अमिबियासिस आंतों में होने वाला एक परजीवी संक्रमण है जो एंटअमीबा हिस्टॉलिटिका नामक प्रोटोजोआ के कारण होता है। इस बीमारी को अमीबिक डिसेंट्री के नाम से भी जाना जाता है। इससे आंतों को नुकसान पहुंचता है। जहां स्वच्छ पानी की सुविधा नहीं है। वहां यह बीमारी जल्दी फैलती है।

लक्षण

इस बीमारी से पीड़ित होने पर पेट में ऐठन, दर्द, जी मिचलाना, शरीर का वजन कम होना और दस्त पड़ने लगती है। परजीवी जीवाणु से होने वाला अमीबियासिस प्रमुख रूप से वॉटर बॉर्न डिजीज है। ये संक्रमित पानी पीने और दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से होता है। ये उन जगहों पर ज्यादा होना है जहां पर ठीक से साफ सफाई ना हो। ये परजीवी शरीर में बड़ी आंत को अपना घर बना लेते हैं। फिर शरीर के कई सिस्टम पर असर पड़ने लगता है। अमीबियासिस से पीड़ित व्यक्ति के पेट में सिस्ट बनने के 1 से 4 हफ्ते बाद इस बीमारी के लक्षण नजर आने लगते हैं। हालांकि सिर्फ 10 से 20 फीसदी लोग ही अमीबियासिस के कारण बीमार होते हैं।

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