Anant Ambani Vantara: अनंत अंबानी इन दिनों जामनगर (Jamnagar) में है। जामनगर लगातार बीते कुछ हफ्तों से खबरों में है। ऐसे में अनंत अंबानी ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू (Anant Ambani Interview) में कई sqft में फैले अपने खास जानवरों के अस्पताल और एनिमल वेल्फेयर (Animal Welfare) के लिए किए जा रहे कामों के बारे में बताया। इसके पीछे की सारी मोटिवेशन और इंस्पीरेशन का सॉर्स उनके मुताबिक उनके माता-पिता (Nita Ambani and Mukesh Ambani) हैं। उनके अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी इक्विपमेंट्स भी हैं। राधे-कृष्णा वेल्फेयर ट्रस्ट (Radhe Krishna Welfare Trust) में सैंकड़ों की संख्या में हाथियों का रेस्क्यू किया गया है।
Anant Ambani ने बताई वंतारा के पीछे की इंस्पीरेशन
अनंत अंबानी ने इस प्रोजेक्ट के पीछे की कहानी के बारे में बताया कि कैसे जब वो छोटे थे तो जयपुर से रणथंभौर की ओर जाते हुए उन्होंने रास्ते पर भरी गर्मी में महावत को हाथी के साथ देखा। उस हाथी को रेस्क्यू किया गया। अनंत अंबानी बताते हैं कि ये पहला हाथी था और उसके बाद उन्होंने आगे का काम जारी कर दिया। हमें ये भी जानकारी नहीं थी कि हाथी को क्या खिलाया जाता है अब तो हमारे पास इसके पीछे का साइंटिफिक नॉलेज है। मेरे माता-पिता ने बंजर धरती को पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म कर दिया। यहां हमारी रिफाइनरी भी है और एनर्जी सेविंग प्रोजेक्ट भी।
जामनगर में हो रहा है विकास
1997 से मैं जामनगर को देख रहा हूं अब इसके गांवों काफी ज्यादा विकसित हो गए हैं। अनंत अंबानी कहते हैं कि जब तक मैं 18 साल का था हम वेकेशन के लिए अफ्रीका के जंगलों, रणथंभौर और कान्हा नेशनल पार्क जैसी जगहों पर ही जाते थे। मेरे पिता हमेशा हमें जंगल हॉलिडे ही ले जाते। घरेलू पशुओं के लिए तो सभी काम कर रहे हैं लेकिन वाइल्डलाइफ में बेहद कम लोग हैं। 50-60 endangered प्रजातियों को हमने रेस्क्यू किया है। मैं उन्हें पिंजरों में नहीं रखान चाहता था मैं उन्हें उनके ही नैचुरल हैबिटैट में रखने का प्लान बना रहा था। हमने काफी मेहनत की है।
अनंत अंबानी वाइल्डलाइफ को मानते हैं सनातन का हिस्सा
अनंत अंबानी ने बताया कि उनकी टीम ने वाइल्डलाइफ सेंचुरी तैयार की है। पशुओं के लिए पत्थर से लेकर लकड़ी तक उसी जगह से आई है जहां के वो नेटिव हैं। मैं किसी भी पशु को परेशानी में नहीं छोड़ सकता। सनातन में हर देवता के पास पशु या जानवर है जो उनके दिल के करीब है। ऋग्वेद में कृष्ण ने कहा कि सबके जीवन का मूल्य एक है। एनिमल वेल्फेयर में बेहद कम लोग हैं। मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे इनकी सेवा करने का मौका मिला। वेदों में कहा गया है कि गाय में 60 करोड़ देवता हैं मेरी नजर में हर पशु में भगवान का वास है।
राधिका मर्चेंट भी लेती हैं वाइल्डलाइफ में इंटरेस्ट
राधिका भी इसके बारे में काफी पैशनेट हैं। अभी मेरा विजन है कि जामनगर में वर्ल्ड के मोस्ट ए़डवांस वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट। कई जानवरों की प्रजातियां जो लुप्त हो रही हैं। हमने एक जू नहीं तैयार किया है। ये एक सेवालय है ना कि पशु संग्रहालय। 25000 से भी ज्यादा जानवरों को हमने रेस्क्यू किया है। हाथियों और गायों के गोबर से हम खाद बना रहे हैं। दस से बारह हजार लोग यहां काम कर रहे हैं। हमने 200-300 वेटेनरी फ्रेश ग्रेजुएट्स डॉक्टरों को भी ट्रेन करने का प्लान बनाया है।
एनिमल रेस्क्यू के लिए बताया अनंत अंबानी ने अपना विजन
अनंत अंबानी ने बताया कि उनका सपना है कि इंडिया के पास बेस्ट जू और एनिमल रेस्क्यू हों। 150 से ज्यादा तेंदुए और 200 से ज्यादा हाथी रेस्क्यू किए हैं। गौरी उनका पहला हाथी है जिसे उनका मां ने रेस्क्यू किया था। ये उनके दिल के बेहद करीब है। यहां पर किसी भी जानवर को पिंजरे में नहीं रखा गया है। ये पूरी तरह से नॉन प्रोफिट है और जल्द ही लोगों के लिए इसे पूरी तैयारी के साथ खोला जाएगा।