आर्टिफिशियल स्वीटनर से हो सकता है कैंसर का खतरा, WHO ने जारी की चेतावनी

Artificial Sweetener: आर्टिफिशियल स्वीटनर यानी चीनी के विकल्प के तौर पर उपयोग किए जाने वाले एस्पार्टेम (Aspartame) एक बार फिर से जांच के दायरे में आ गया है। एस्पार्टेम एक रासायनिक स्वीटनर है जिसका उपयोग 1980 के दशक से ही विभिन्न खाद्य और पेय उत्पादों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इससे कैंसर हो सकता है

अपडेटेड Jul 17, 2023 पर 10:59 AM
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Artificial Sweetener: एस्पार्टेम स्वीटनर दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है

Artificial Sweetener: आर्टिफिशियल स्वीटनर यानी चीनी के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली कृत्रिम मिठास वाली चीजें एस्पार्टेम (Aspartame) शरीर के लिए फायदेमंद हैं या हानिकारक। इस मामले में लंबे समय से चर्चा हो रही है। अब एस्पार्टेम (Aspartame) एक बार फिर से जांच के दायरे में आ गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization -WHO) की एक एजेंसी ने हाल ही में ऐलान किया था कि एस्पार्टेम के इस्तेमाल से कैंसर का खतरा हो सकता है। इसे कैंसर बढ़ाने वाली लिस्ट में शामिल कर लिया गया है।

एजेंसी ने एस्पार्टेम से जुड़े हुए पेय पदार्थों का भारी मात्रा में सेवन न करने की सलाह दी है। इसके सा ही लोगों से पानी या अन्य बिना किसी चीनी वाले पेय पदार्थों को सेवन करने के लिए प्रोत्साहित किया है। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक,  WHO से जुड़े दो संगठनों ने स्वीकार किया कि एस्पार्टेम को कैंसर के लिए जिम्मेदार कैटेगरी में पहचाना गया है।

जानिए एस्पार्टेम का उपयोग कितना है सुरक्षित


एस्पार्टेम के इस्तेमाल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में चिंता कोई नई बात नहीं है। WHO के न्यूट्रिशन डायरेक्टर डॉ. फ्रांसेस्को ब्रांका ने कहा कि वे उपभोक्ताओं को एस्पार्टेम का सेवन पूरी तरह से बंद करने की सलाह नहीं दे रहे हैं। बस थोड़ा संयम बरतने की सलाह दे रहे हैं। WHO ने वयस्कों को अपने वजन के मुताबिक, 40 मिलीग्राम प्रति किलो के हिसाब से एस्पार्टेम का सेवन करने सलाह दी है। यह लिमिट पहले जितनी ही है। इसमें अभी तक कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि एक वयस्क जिसका वजन 70 किलोग्राम है। वो एक दिन में 2,800 मिलीग्राम एस्पार्टेम का सेवन कर सकते हैं। सॉफ्ट ड्रिंक की एक कैन में आमतौर पर करीब 200 मिलीग्राम एस्पार्टेम होता है। अगर इस हिसाब से देखें, तो 70 किलो वजन वाला वयस्क एस्पार्टेम की सुरक्षित सीमा को पार किए बिना 14 कैन पी सकता है।

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एस्पार्टेम का खाद्य और पेय प्रोडक्टस में होता है इस्तेमाल

बता दें कि एस्पार्टेम एक रासायनिक स्वीटनर है। इसका इस्तेमाल 1980 के दशक से ही कई खाद्य और पेय उत्पादों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसमें पेय, च्यूइंग गम, जिलेटिन, आइसक्रीम, टूथपेस्ट, डेयरी उत्पाद जैसे दही, नाश्ता अनाज, और चबाने योग्य दवाएं शामिल हैं। एस्पार्टेम एक कम कैलोरी वाला आर्टिफिशियल स्वीटनर है। यह चीनी से करीब 200 गुना अधिक मीठा होता है। यह एक सफेद, गंधहीन पाउडर है। दुनिया भर में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

एस्पार्टेम को यूरोप और अमेरिका में एक फूड एडिटिव के रूप में अधिकृत किया गया है और इसका उपयोग कई खाद्य पदार्थों में किया जाता है। एस्पार्टेम को 1974 में यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशम ने शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम 50 mg इनटेक के साथ इसे अप्रूव किया था।

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