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Bharatpe वाले अश्नीर ग्रोवर ने माना, उनसे ज्यादा काबिल हैं Zerodha के बॉस निखिल कामत और मार्क ज़करबर्ग

अश्नीर ग्रोवर ने माना, उन्हें आंत्रप्रेन्योर के लिए तैयार होने में 9 साल लगे और जो कॉलेज छोड़कर अपना खुद का बिजनेस शुरू करते हैं, उन्हें Hats off

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 20, 2022 पर 4:44 PM
Bharatpe वाले अश्नीर ग्रोवर ने माना, उनसे ज्यादा काबिल हैं Zerodha के बॉस निखिल कामत और मार्क ज़करबर्ग
दिग्गज फिनटेक कंपनी भारतपे (Bharatpe) के को-फाउंडर और पूर्व मालिक अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) के मुताबिक मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और जीरोधा के को-फाउंडर नितिन कमथ अपवाद-स्वरूप ब्रिलिएंट लोग है।

दिग्गज फिनटेक कंपनी भारतपे (Bharatpe) के को-फाउंडर अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) के मुताबिक मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग और जीरोधा के को-फाउंडर नितिन कामत बहुत काबिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अपवाद होते हैं। अश्नीर ग्रोवर ने ये भी कहा कि जकरबर्ग और कामत ने स्कूल छोड़ने के बाद बहुत सफल कंपनियों की शुरुआत की जो हुत बड़ी बात है।

अश्नीर ग्रोवर के मुताबिक उनके अंदर खुद को खुद से शिक्षित करने की जो तीव्र इच्छा थी, उसके हिसाब से अगर वे औपचारिक तौर पर एजुकेशन सिस्टम में होते तो समय बर्बाद होता। ग्रोवर ने ये बातें एक सवाल के जवाब में कही जिसमें उनसे ऐसे आंत्रप्रेन्योर के बारे में पूछा गया था जो सफल बिजनेस कैरियर शुरू करने के लिए स्कूल छोड़ दिया था।

जकरबर्ग और कामत ने छोड़ी थी पढ़ाई

जीरोधा के निखिल कामत ने 17 वर्ष की उम्र में स्कूल छोड़ दिया था और एक कॉल सेंटर में नौकरी करने लगे। इसके बाद उन्होंने स्टॉक्स की ट्रेडिंग शुरू की। वहीं मेटा (पूर्व नाम फेसबुक) के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने फेसबुक को डेवलप करने के लिए हार्वर्ड की पढ़ाई छोड़ दी थी। ग्रोवर के मुताबिक जुकरबर्ग और कामथ ने यह समझ लिया था कि वे अपने आप को स्कूली पढ़ाई की बजाय खुद से ज्यादा अच्छे से शिक्षित कर सकते थे और अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं।

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