Assam Floods: असम में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ से हाहाकार, 780 गांव जलमग्न, 1.2 लाख लोग प्रभावित

Assam Floods: असम के कई हिस्सों में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। कई गांव, कस्बे एवं खेत जलमग्न हैं। गुरुवार सुबह बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही और राज्य के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने से नए इलाके भी जलमग्न हो गए हैं। एक आधिकारिक बुलेटिन जानकारी दी गई है कि बाढ़ से 10 जिलों में करीब 1.2 लाख लोग प्रभावित हैं। इस बीच, अगले कुछ दिनों तक राज्य में मूसलाधार बारिश होने की भविष्यवाणी की गई है

अपडेटेड Jun 22, 2023 पर 3:02 PM
Assam Floods: मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ से 10 जिलों में 1,19,800 लोग प्रभावित हैं

Assam Floods: असम के कई हिस्सों में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। कई गांव, कस्बे एवं खेत जलमग्न हैं। असम में गुरुवार सुबह बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। राज्य के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने से नए इलाके भी जलमग्न हो गए हैं। एक आधिकारिक बुलेटिन में जानकारी दी गई है कि बाढ़ से 10 जिलों में करीब 1.2 लाख लोग प्रभावित हैं। इस बीच, अगले कुछ दिनों तक राज्य में मूसलाधार बारिश होने की भविष्यवाणी की गई है।

इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। मौसम विभाग अगले कुछ दिनों तक असम के कई जिलों में अत्यंत भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है। गुवाहाटी में IMD के क्षेत्रीय मौसम केंद्र (RMC) ने बुधवार को 24 घंटे के लिए चेतावनी जारी की है। इसके अलावा गुरुवार और शुक्रवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है। ‘रेड अलर्ट’ का अर्थ है तत्काल कार्रवाई करना, जबकि ‘ऑरेंज अलर्ट’ का अर्थ है कार्रवाई के लिए तैयार रहना और ‘येलो अलर्ट’ का अर्थ है सचेत और अवगत रहना।

1,19,800 लोग प्रभावित


असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार बक्सा, बारपेटा, दरांग, धेमाजी, धुबरी, कोकराझार, लखीमपुर, नलबाड़ी, सोनितपुर और उदलगुरी जिले में बाढ़ के कारण 1,19,800 लोग प्रभावित हैं। बयान में कहा गया है कि नलबाड़ी बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित है और लगभग 45,000 लोग इससे जूझ रहे हैं। इसके बाद बक्सा में 26,500 और लखीमपुर में 25,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने पांच जिलों में 14 राहत शिविर बनाए है, जहां 2,091 लोगों ने शरण ली है और पांच जिलों में 17 राहत वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं।

780 गांव जलमग्न

सेना, अर्द्धसैनिक बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), अग्निशमन और आपातकालीन सेवा (एफ एंड ईएस), नागरिक प्रशासन, गैर सरकारी संगठनों (NGO) तथा स्थानीय लोगों ने विभिन्न स्थानों से 1,280 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। ASDMA बुलेटिन में कहा गया है कि वर्तमान में, 780 गांव जलमग्न हैं और पूरे असम में 10,591.85 हेक्टेयर खेत क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

बुलेटिन में कहा गया है कि बक्सा, बारपेटा, सोनितपुर, धुबरी, डिब्रूगढ़, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नागांव, दक्षिण सलमारा और उदलगुरी में व्यापक भूमिकटाव देखा गया है। दीमा हसाओ और कामरूप मेट्रोपोलिटन में कई स्थानों से भूस्खलन और भारी बारिश की सूचना है।

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बक्सा, नलबाड़ी, बारपेटा, सोनितपुर, बोंगाईगांव, दरांग, चिरांग, धुबरी, गोलपारा, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर, नागांव, उदलगुरी, धेमाजी और माजुली में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बारपेटा, दरांग, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कोकराझार और नलबाड़ी जिलों में कई स्थानों पर शहरी इलाके जलमग्न हो गए। ASDMA की रिपोर्ट में बताया गया है कि ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी बेकी तीन स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

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