एक सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट, उसकी पत्नी और दो बच्चों सहित चार लोगों का परिवार बेंगलुरु में अपने किराए के घर में मृत पाया गया। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच संदिग्ध हत्या-आत्महत्या के तौर पर की जा रही है। मृतकों की पहचान 38 साल के अनूप कुमार, 35 साल की उनकी पत्नी राखी, उनकी 5 साल के बेटी अनुप्रिया और उनके 2 साल के बेटे प्रियांश के रूप में हुई है। ये परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का रहने वाला था। अनूप बेंगलुरु की एक प्राइवेट फर्म में बतौर सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट काम करते थे और उनका परिवार भी उनके साथ यहीं रहता था।
सोमवार की सुबह परिवार का नौकर काम पर आया। लगातार बेल बजाने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई रिस्पांस नहीं मिला, तो उसने पड़ोसियों बताया, जिन्होंने फिर पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस घर में घुसी, तो उसे दंपति और उनके बच्चों के शव मिले।
न्यूज एजेंसी IANS के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि अनूप और राखी ने पहले अपने बच्चों को जहर दिया और फिर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
समाचार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अनूप और राखी अपने बड़े बच्चे की हेल्थ कंडिशन को लेकर काफी ज्यादा परेशान थे। अनुप्रिया दिव्यांग बच्ची थी और उनके नौकर के बयानों के अनुसार, उसके माता-पिता इस वजह से तनाव में थे।
परिवार आमतौर पर खुश रहता था और उन्होंने पांडिचेरी जाने की योजना भी बना ली थी। पुलिस ने नौकरों के हवाले से बताया कि रविवार को सामान पैक करने का काम पूरा हो गया। परिवार ने तीन लोगों को काम पर रखा था, जिनमें दो कुक और एक बच्चों की देखभाल करने वाला शामिल था। इनमें से हर एक को 15,000 रुपए प्रति माह मिलते थे।
अभी तक घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है।