पेट की आंत को कपड़े से बांधकर लाए अस्पताल, फिर हुआ चमत्कार, डॉक्टर बने भगवान

बिहार के बेतिया में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 14 साल के बच्चे को तेज चाकू से पेट पर हमला कर दिया गया। जिससे उसकी पेट की आंत बाहर निकल आई। परिजनों ने आंत को कपड़े से बांधकर अस्पताल ले गए। इसके बाद डॉक्टर ही भगवान बन गए और बच्चे को नई जिंदगी मिल गई

अपडेटेड Jul 24, 2024 पर 5:00 PM
कई घटों की सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को नया जीवन दान दिया।

आशीष कुमार 

डॉक्टर किसी भगवान से कम नहीं होते है। जब जिंदगी की डोर टूटने के कगार पर पहुंच जाती है तो आखिरी आस डॉक्टरों पर ही टिक जाती है। कुछ ऐसा ही बिहार के बेतिया में एक 14 साल के बच्चे के साथ हुआ। बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में परिजन रात 11 बजे घायल अवस्था में बच्चे को लेकर पहुंचे। बच्चे की आंत पेट से बाहर निकली हुई थी। गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने फौरन इलाज करना शुरू कर दिया। सुबह 4 बजे बच्चे की सर्जरी खत्म हुई। पीड़ित की स्थिति को परखने के लिए डॉक्टरों ने एक हफ्ते का समय लिया था। फिलहाल बच्चे की हालत बेहतर तरीके से रिकवर हो रही है।

दरअसल, 16 जुलाई की रात, 15 साल के चंदन कुमार के पेट में क़रीब डेढ़ फीट लंबा चाकू आपसी रंजिश की वजह से घुसा दिया गया था। चंदन के चाचा धामू चौधरी ने बताया कि चाकू लगने के बाद उसे फौरन बैरिया PHC में दिखाया गया। बच्चे की हालत नाजुक देखते हुए पीएचसी के डॉक्टर्स ने उसे बेतिया GMCH रेफर कर दिया। चंदन को लेकर उसके परिजन आनन फानन में बेतिया जीएमसीएच पहुंचे।


पेट की आंत आ चुकी थी बाहर

हैरानी की बात ये है कि चंदन के पेट में गहरा जख्म हुआ था। जिससे उसके पेट की आंत बाहर निकल आई थी। परिजन आंत को कपड़े से बांधकर अस्पताल ले गे थे। इस दौरान बच्चे का करीब 3 लीटर खून बह चुका था। ऐसे में चंदन की जान का खतरा मंडरा रहा था। डॉक्टरों ने सबसे पहले चंदन के पेट से चाकू को निकाला और फिर आंत को भीतर की तरफ करते हुए बैंडेज किया। GMCH के डॉक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि बैंडेज के बाद क़रीब 12 बजे रात्रि में पीड़ित को ओटी में ले जाया गया। जहां सुबह 4 बजे तक सर्जरी प्रक्रिया चली। इस दौरान डॉ.मुकेश, सर्जरी में डॉ.खुर्शीद आलम(HOD सर्जरी विभाग), डॉ. एस.के रंजन (यूनिट हेड), डॉ.अमित रंजन( SOD सर्जरी विभाग), डॉ.मुकेश कुमार, डॉ.प्रवीण कुमार, डॉ.शिवम शुक्ला और एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. सुनील, डॉ. विशाल, डॉ. सी चौधरी सर्जरी प्रक्रिया में शामिल रहे।

हालत में हो रही है सुधार

डॉक्टरों का कहना है कि चंदन की आंत में 7 बड़े और गहरे कट लगे थें। उसके शरीर से तीन लीटर तक खून बह चुका था। ऐसे में चंदन की हालत बेहद नाजुक थी। ऐसे में सूझ बूझ और समझदारी से किए गए इलाज से चंदन को एक नी जिंदगी देने में सफलता मिली। फिलहाल वो तेजी से रिकवर हो रहा है।

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