क्रिसमस वीकेंड (Christmas Weekend) में, पश्चिमी न्यूयॉर्क (Wester New York) को एक भयंकर बर्फीले तूफान (Blizzard) ने लगभग पूरी तरह जमा दिया है। अधिकारियों ने "सदी का सबसे बर्फीला तूफान" (Blizzard of the Century) करार दिया है। इसे बम साइक्लोन (Bomb Cyclone) भी कहा जा रहा है। अमेरिका में पिछले कुछ दिनों से मौसम इस हद तक खराब है कि कई इलाकों में बिजली गुल है, यातायात पूरी तरह ठप हो चुका और कई लोगों की तो जान भी चली गई है।
सोशल मीडिया पर आ रही हैं तस्वीरों और वीडियो को देख कर ये अहसास आराम से हो जाएगा कि हालात कितने भयावह हैं। खासकर बफेलो शहर में स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब है, जहां गाड़ियों के भीतर और बर्फ में दबी लाशें तक मिली हैं।
इंटरनेट पर एक बड़ा ही हौरान करने वाला वीडियो सामने आया, जिसमें फेमस नायग्रा फॉल्स पर बर्फ की चादर जम गई। सब-जीरो तापमान की हालिया लहर ने इस पूरे इलाके अपनी चपेट में ले लिाय है। ये झरना पूरी तरह से जम चुका है।
न्यू यॉर्क पोस्ट ने कहा कि झरने के कुछ हिस्से पूरी तरह जम गए थे। हालांकि, कुछ कुछ हिस्सों में पानी बहुत धीमी रफ्तार या धीरे-धीरे बह रहा था।
नायग्रा पार्क वेबसाइट ने कहा, "ठंडे तापमान के दौरान, धुंध और फुहार बहते हुए पानी के ऊपर बर्फ की एक परत बना देते हैं, जिससे ऐसा लगता है कि मानो झरना वास्तव में एकदम रुक गया हो। हालांकि, बर्फ की चादरों के नीचे पानी लगातार बहता रहता है।"
नायग्रा फाल्स न्यू यॉर्क स्टेट पार्क के मुताबिक, नायग्रा फाल्स से हर सेकंड करीब 3160 टन पानी बहता है। इसका फॉलिंग रेट 32 फीट प्रति सेकंड है।
1964 से पहले, बर्फ पानी के बहाव को और ऊपर की ओर बाधित कर सकता था, जिससे झरने के अमेरिकी हिस्से में पानी जम जाता था। ज्यादा बर्फ जमा न हो इसे रोकने के लिए स्टील के बड़े आइस-बूम लगाए गए। इसे लगाने से पहले पांच बार झरने के इर्दगिर्द काफी ज्यादा बर्फ जमा हुई थी।
क्या होता है बर्फीला तूफान?
बर्फीला तूफान एक तरह का सर्दियों का तूफान होता है। इसकी विशेषता ठंड की बारिश है, जिसे ग्लेज इवेंट के रूप में भी जाना जाता है। अमेरिका के कई हिस्सों में इसे सिल्वर मेल्टिंग भी कहा जाता है। इस तूफान में पानी की जगह बर्फ या ओलों की बारिश होती है।
ऐसा आमतौर पर तब होता है, जब मौसम का तापमान पहले से ही काफी कम हो। ये भी जरूरी नहीं है कि ठंड के मौसम ही स्थिति बने। बर्फीला तूफान तब भी देखने को मिल सकता है, जब जमीन का तापमान कम हो, लेकिन ऐसा बहुत कम होता है।