दूल्हे का CIBIL स्कोर देखते ही दुल्हन पक्ष के उड़े होश, शादी से कर दिया इनकार

CIBIL Score: आमतौर पर अरेंज मैरिज में शादी के समय दोनों परिवार के लोग गहन पूछताछ करते हैं। कई फैक्टर पर विचार करते हैं। इसी के आधार पर आगे रिश्ता तय होता है। लेकिन एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है। जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। दूल्हे का सिबिल स्कोर बेहद कमजोर था। जिसके बाद लड़की पक्ष के लोगों ने शादी से इनकार कर दिया

अपडेटेड Feb 08, 2025 पर 3:30 PM
CIBIL Score: दूल्हा कई बैंकों से कर्ज लिए हुए था। ऐसे में लड़की पक्ष ने आर्थिक रूप से असुरक्षित लड़के से शादी करने से मना कर दिया

शादी-विवाह के रिश्ता जिंदगी भर के लिए होता है। लिहाजा ऐसे रिश्तों को जोड़ने से पहले कई तरह की सलाह मशविरा और जांच पड़ताल की जाती है। कभी कुछ खामियां मिलने पर रिश्ता कैंसिल हो जाता है। इस बीच महाराष्ट्र में रिश्ता कैंसिल होने का एक अनोखा मामला सामने आया है। ऐसे ही महाराष्ट्र मुर्तिजापुर में शादी के अंतिम दौर में पहुंची बातचीत टूट गई। इसकी वजह ये थी कि दूल्हे का CIBIL स्कोर (क्रेडिट स्कोर) कम था। इससे पता चलता है कि जैसे बैंक कर्ज देने से पहले व्यक्ति की वित्तीय स्थिति देखते हैं। ठीक वैसे ही अब परिवार भी अपनी बेटियों के लिए दूल्हे का आर्थिक बैकग्राउंड जरूर चेक करते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुर्तिजापुर के दो परिवारों के बीच शादी की चर्चा लंबे समय से चल रही थी। लड़का-लड़की एक-दूसरे को पसंद कर चुके थे। दोनों परिवार शादी की बाकी औपचारिकताओ को लेकर भी सहमत हो गए थे। जैसे ही शादी पक्की होने वाली थी, लड़की के मामा ने अचानक लड़के का सिबिल स्कोर देखने की मांग रख दी। इसके बाद मामला उल्टा हो गया।

दूल्हे के पास कई बैकों का कर्ज


कहा जा रहा है कि जब लड़की के मामा ने होने वाले दूल्हे का सिबिल स्कोर चेक किया तो वो हैरान रह गए। रिपोर्ट में पता चला है कि लड़के ने कई बैंकों से कर्ज लिया हुआ था। लड़के की आर्थिक स्थिति बेहद खस्ता थी। इसे देखते ही लड़की के मामा ने शादी से इनकार कर दिया। लड़की पक्ष का कहना है कि अगर लड़का पहले से कर्ज के तले दबा हुआ है तो बेटी का भविष्य असुरक्षित रहेगा। लिहाजा आर्थिक रूप से असुरक्षित लड़के के साथ शादी नहीं कर सकते हैं। बता दें कि कम सिबिल स्कोर से यह पता चलता है कि वक्त पर लोन नहीं भरा जा रहा है।

जानिए क्या है सिबिल स्कोर

सिबिल स्कोर आपकी क्रेडिट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (Credit Information Report) के आधार पर बताया जाता है। इस रिपोर्ट में आपकी तरफ से अब तक लिए लोन और क्रेडिट कार्ड्स की पूरी जानकारी होती है। आपके लोन की ईएमआई (EMI), क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का इस्तेमाल और इनके बिलों का भुगतान आप किस तरीके से करते हैं। ऐसी तमाम जानकारी दर्ज रहती है।

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