आजकल के इस अर्थयुग में हर किसी को उम्मीद रहती है कि उसे कहीं से सोना-चांदी का भंडार मिल जाए। अगर यह भंडार किसी को मिल जाए तो समझिए उसकी किस्मत पलट गई। इस बीच मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में हीरे, सोना और चांदी के अकूत भंडार मिलने की संभावना जताई गई है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के हालिया सर्वे में स बात का खुलासा हुआ है। ऐसे में ये खोज न केवल शिवपुरी बल्कि पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत हो सकती है। ग्वालियर के क्षेत्रीय प्रमुख खनिज विभाग अधिकारी ने लेटर आने की बात बताई है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, शिवपुरी जिले की नरवर और खनियाधाना तहसीलों में बहुमूल्य खनिज संपदा होने के संकेत मिले हैं। प्रशासन ने करीब 630 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की पहचान कर ली है। जिसमें 60 से ज्यादा गांव शामिल हैं। यहां खनन की संभावनाओं को लेकर विशेषज्ञों की ओर से विस्तार से अध्ययन किया जा रहा है।
जानिए कब से शुरू होगी खुदाई
खनिज विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, 2026 से खनन की शुरुआत हो रही है। इसके लिए सभी तैयारियां और प्रोसिडिंग शुरू कर दी गई हैं। यह खबर शिवपुरी के लोगों के लिए बहुत बड़ी हो सकती है और यहां के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है। शिवपुरी के जिलाधिकारी ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया है। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहे हैं। जल्द ही इस पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय लोगों में भी इस खबर को लेकर काफी उत्साह है। सोना-चांदी के खजाना मिलने से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है।
हीरे-सोने की खोज से बदलेगी जिले की सूरत?
अगर हीरे, सोने और चांदी का खजाना जिले के हाथ लग जाता है तो इसे इंडस्ट्रियल एरिया के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे जिले के राजस्व में इजाफा होगा। अब सभी की निगाहें साल 2026 में शुरू होने वाली खुदाई पर टिकी हुई हैं। जिससे ये तय होगा कि शिवपुरी सच में हीरे और सोने की नगरी बन सकता है या नहीं।