Get App

Chandrayaan-3 Landing: बच्चों को चंद्रयान-3 की लैंडिंग दिखाने के लिए चेन्नई के स्टार्टअप ने की स्पेशल व्यवस्था

Chandrayaan-3 Landing: बच्चों को ऊपरी मंजिल पर बैठाया जाएगा, जहां उनके लिए लैंडिंग देखने के लिए टीवी लगाए जाएंगे। इस दौरान उन्हें लैंडिंग की विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में समझाया जाएगा। अलग से स्टार्टअप एक कमांड सेंटर स्थापित करने जा रहा है, जहां से वे एंटीना का उपयोग करके चंद्रयान को सीधे ट्रैक करने का प्रयास करेंगे। चेन्नई के अग्निकुल कॉसमॉस और हैदराबाद के स्काईरूट एयरोस्पेस भी अपने वर्कप्लेस पर अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करेंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 23, 2023 पर 12:18 PM
Chandrayaan-3 Landing: बच्चों को चंद्रयान-3 की लैंडिंग दिखाने के लिए चेन्नई के स्टार्टअप ने की स्पेशल व्यवस्था
Chandrayaan-3 Landing: कंपनी ने कहा कि यहां 8-9 साल के बच्चे भी होंगे। यह अनुभव उन पर अच्छा प्रभाव डालेगा

Chandrayaan-3 Landing: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के एक स्टार्टअप ने बच्चों को चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग का सीधा प्रसारण दिखाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। चेन्नई स्थित स्टार्टअप स्पेस किड्ज़ इंडिया ने नुंगमबक्कम में 70-80 स्कूली बच्चों के लिए एक स्पेशल सेंटर तैयार किया है, जहां से बच्चे चंद्रयान-3 लैंडिंग आसानी से देख सकेंगे। स्पेस किड्ज़ इंडिया सीधे इस्पहानी सेंटर के शीर्ष पर स्थापित अपने बड़े एंटीना की मदद से चंद्रयान 3 से सीधा लाइव दिखाएगा। वहां बैठकर चंद्रयान-3 की लैंडिंग देखने वालों में वेलाचेरी के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे और कई ऐसे लोग शामिल हैं जो घर पर ही स्कूली शिक्षा प्राप्त करते हैं।

कंपनी ने कहा, "यहां 8-9 साल के बच्चे भी होंगे। यह अनुभव उन पर अच्छा प्रभाव डालेगा।" बच्चों को ऊपरी मंजिल पर बैठाया जाएगा, जहां उनके लिए लैंडिंग देखने के लिए टीवी लगाए जाएंगे। इस दौरान उन्हें लैंडिंग की विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में समझाया जाएगा। अलग से स्टार्टअप एक कमांड सेंटर स्थापित करने जा रहा है, जहां से वे एंटीना का उपयोग करके चंद्रयान को सीधे ट्रैक करने का प्रयास करेंगे। चेन्नई के अग्निकुल कॉसमॉस और हैदराबाद के स्काईरूट एयरोस्पेस भी अपने वर्कप्लेस पर अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

स्काईरूट एयरोस्पेस के CEO और सह-संस्थापक पवन कुमार चंदना ने मनीकंट्रोल से बात करते हुए कहा, "यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि हम चंद्रमा पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग करने वाले दुनिया के चौथे और ऐसा करने वाले पहले देश बन सकते हैं।" उन्होंने कहा कि चंद्रयान की लागत अभूतपूर्व है। यह हमारी गहरी प्रौद्योगिकी क्षमता और दक्षता का प्रतीक है जो युवा भारत को प्रेरित करती है। साथ ही विश्व स्तरीय निवेश, साझेदारी और सहयोग को आमंत्रित करती है।

केंद्र ने स्कूलों को दिए निर्देश

सब समाचार

+ और भी पढ़ें