Char Dham yatra: 50 साल से अधिक आयु के चारधाम श्रद्धालुओं के लिए नए दिशानिर्देश जारी, जानिए पूरी डिटेल

उत्तराखंड सरकार ने रविवार को कहा कि 50 वर्ष से अधिक उम्र के जो तीर्थयात्री चार धाम यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब अनिवार्य स्वास्थ्य जांच से गुजरना होगा। यात्रा के दौरान मरने वालों की संख्या 100 का आंकड़ा पार कर गई है

अपडेटेड May 30, 2022 पर 11:42 AM
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चारधाम में दर्शनों के लिए इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भारी उमड़ रही है।

Char Dham yatra: उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित चार धामों (बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) की यात्रा पर आने वाले बुजुर्ग श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित उत्तराखंड सरकार ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

उत्तराखंड सरकार ने रविवार को कहा कि 50 वर्ष से अधिक उम्र के जो तीर्थयात्री चार धाम यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब अनिवार्य स्वास्थ्य जांच से गुजरना होगा। 3 मई को अक्षय तृतीया के पर्व से शुरू हुई चारधाम यात्रा के दौरान कई श्रद्धालुओं की मौत होने तथा कई अन्य का स्वास्थ्य बिगड़ने की खबर है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस साल अब तक चार धामों में दर्शन के लिए करीब 12 लाख 83 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। वहीं, इस यात्रा के दौरान मृतकों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में देखी जा रही है।


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उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चारधाम यात्रा के दौरान अब तक 101 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। इनमें से केदारनाथ धाम में 49, बद्रीनाथ धाम में 20, गंगोत्री धाम में 7 और यमुनोत्री धाम में 25 तीर्थयात्रियों की मौत शामिल है। रविवार को केदारनाथ और बद्रीनाथ में एक-एक श्रद्धालुओं की मौत हो गई।

तीर्थयात्रियों के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग अनिवार्य

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड की स्वास्थ्य महानिदेशक शैलजा भट्ट ने कहा कि हमने चारधाम यात्रा के लिए आने वाले 50 और उससे अधिक उम्र के सभी तीर्थयात्रियों के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग अनिवार्य करने का फैसला किया है।

वहीं, रुद्रप्रयाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीके शुक्ला ने कहा कि आगे की यात्रा पर जाने के लिए मेडिकल रूप से अयोग्य पाए गए तीर्थयात्रियों को वापस लौटने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम उन तीर्थयात्रियों को वापस लौटने की सलाह दे रहे हैं जो नियमों का पालन करने से इनकार करते हैं और मंदिर तक जाने के लिए अड़े हुए हैं।

बता दें कि कोविड-19 महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद 3 मई को चार धाम यात्रा शुरू हुई। अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ यात्रा शुरू हुई थी। वहीं, केदारनाथ के कपाट 6 मई को और बदरीनाथ के कपाट 8 मई को खुले थे। वर्ष 2019 में 90 से ज्यादा, वर्ष 2018 में 102 और वर्ष 2017 में 112 चारधाम तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी।

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