देश में बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन जल्द लगनी शुरू हो सकती है। सरकार ने फार्मास्युटिकल कंपनी जायडस कैडिला (Zydus Cadila) 1 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया था। कंपनी इस ऑर्डर की सप्लाई इस महीने से शुरू कर देगी। शुरुआती दौर में इस वैक्सीन को महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल समेत 7 राज्यों के बच्चों को लगाई जाएगी।
ZyCov-D तीन डोज वाली वैक्सीन है। सरकार ने इस वैक्सीन के लिए 265 रुपये प्रति डोज के हिसाब से ऑर्डर दिया है। यानी 3 डोज की कीमत 795 रुपये होगी। नीडल-फ्री तकनीक के लिए 93 रुपये प्रति डोज अलग से लगेंगे। इसमें GST शामिल नहीं है। इस तरह सरकार के लिए तीनों डोज के लिए कीमत 1,074 रुपये होगी।
हाल ही में Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) ने 12 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए इस वैक्सीन को इमजरेंसी में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी। ZyCov-D को भारत की कंपनी जायडस कैडिला ने बनाया है। इसे मिशन कोविड सुरक्षा के तहत सरकार के बायोटेक्नॉलजी डिपार्टमेंट के साथ साझीदारी में विकसित किया गया है।
कैसे काम करती है यह वैक्सीन
जायडस कैडिला की यह कोरोना वैक्सीन दुनिया की पहली DNA वैक्सीन है। इसके जरिए जेनेटिकली इंजीनियर्ड प्लास्मिड्स को शरीर में इंजेक्ट किया जाता है। इससे शरीर में कोविड-19 के स्पाइक प्रोटीन का उत्पादन होता है और इस तरह वायरस से बचाव वाले एंटीबॉडी पैदा होते हैं। ज्यादातर कोरोना वैक्सीन के 2 डोज लगते हैं लेकिन कैडिला की इस वैक्सीन के 3 डोज लगेंगे। इस वैक्सीन की खासियत यह है कि यह सुई से नहीं लगाई जाएगी। इसे एक खास डिवाइस के जरिए लगाया जाएगा। जायडस कैडिला का दावा है कि इस मेथड से वैक्सीन लगने की वजह से दर्द नहीं होगा। कंपनी का तो यहां तक दावा है कि इससे वैक्सीन के साइड इफेक्ट भी कम हैं।
मौजूदा समय में भारत में कोरोना वायरस से निपटने के लिए तीन वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें भारत बायोटेक की कोवैक्सीन, सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और रूस की स्पुतनिक V शामिल है।