Coronavirus Explainer: कोरोना वायरस महामारी पूरी दुनिया से खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। नए कोरोना संक्रमित मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। जिससे चौथी लहर का खतरा मंडराने लगा है। कोरोना के लक्षण अब कुछ दिनों या हफ्तों में ठीक नहीं हो रहे हैं, बल्कि कई महीनों या सालों तक मरीजों का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। लंबे समय तक चलने वाले लक्षणों को लॉन्ग कोविड (Long Covid) के नाम से जाना जाता है। इस बीच एक रिसर्च में पाया गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में लंबे समय तक COVID सिंड्रोम से पीड़ित होने की संभावना अधिक होती है।
जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson and Johnson) के रिसर्च करने वाली एक टीम ने स्टडी में पाया है कि महिलाओं में लंबे समय तक कोरोना (Long Covid) के लक्षण के बने रहने की संभावना पुरुषों के मुकाबले 22 फीसदी ज्यादा होती है। यह स्टडी करंट मेडिकल रिसर्च एंड ओपिनियन (Current Medical Research and Opinion) में प्रकाशित हो चुकी है।
क्यों महिलाएं होती हैं लॉन्ग कोविड का शिकार
स्टडी के मुताबिक, महिलाओं और पुरुषों के इम्यूनिटी में अंतर होता है। यही वजह है कि लॉन्ग कोविड के मामले में जेंडर बेस्ड अंतर देखने के लिए मिलता है। महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले रोग प्रतिरोधक क्षमता (immune responses) ज्यादा मजबूत होती है। जिससे महिलाएं शुरुआती संक्रमण से बच सकती हैं। यह वजह है कि महिलाएं लंबे समय तक ऑटोइम्यून (autoimmune) संबंधित बीमारियों की चपेट में भी आती हैं।
महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग लक्षण
स्टडी के मुताबिक, पुरुषों और महिलाओं में लॉन्ग कोविड के मामलों में अंतर के साथ ही दोनों में लक्षण भी अलग-अलग दिखाई देते हैं। महिलाओं में कान, नाक और गले की समस्या, मूड ऑफ रहना, त्वचा की समस्याएं, पाचन संबंधित परेशानी और जोड़ों में दर्द के साथ-साथ थकान के लक्षण नजर आते हैं। वहीं पुरुषों में डायबिटीज, किडनी डिसऑर्डर (kidney disorders) और फेफड़ों से संबंधित परेशानी बढ़ जाती है।
लॉन्ग कोविड के प्रभाव को कम करने के लिए नियमित चेकअप करवाते रहें। इसके साथ ही जीवनशैली को संतुलित करने की कोशिश करें। अच्छी तरह से मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंस का हमेशा खयाल रखें।