देश में साइबर ठगों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं। आम आदमी को ठगी का शिकार बनाने के बाद अब साइबर पुलिस को भी ठगी का शिकार करने लगे हैं। लेकिन साइबर अपना शिकार बना पाते। उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें जेल भेजने का रास्ता साफ कर दिया। दरअसल, बिहार के नवादा जिले में साइबर ठगों ने नवादा की साइबर DSP प्रिया ज्योति को फोन लगा दिया। इसके बाद 20 मिनट में 5 लाख रुपये का लोन ऑफर दे डाला। इतना झांसा देना ही साइबर ठगों को महंगा पड़ गया। पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी प्रिया ज्योति ने बताया कि लोन दिलाने के नाम पर उन्हें फोन आया। फिर 20 मिनट में 5 लाख रुपया का लोन देने की बात कही गई। उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद एक टीम गठन किया गया। और फिर साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों को गिरफ्तार की गई है।
साइबर डीएसपी ने सूझबूझ से लिया काम
फोन पर हुई बातचीत के बाद साइबर डीएसपी ने जांच पड़ताल शुरू कर दी। फिर एक के बाद एक साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। इसमें चकवाय गांव के नरेश दास का पुत्र प्रमोद कुमार, भोला चौधरी का पुत्र ज्योतिस कुमार, अनिल कुमार का पुत्र अमित कुमार और विजय सिंह की पत्नी रेणु देवी शामिल हैं। इसके अलावा, मीर बीघा के बच्चन प्रसाद का पुत्र सुधांषु कुमार और मनोज ताती का पुत्र पारस कुमार, भवानी बीघा के अशोक राम का पुत्र धीरज कुमार, खैरा गांव के चितरंजन सिंह का पुत्र पुप्पांजय कुमार और कौवाकोल प्रखंड के भवानी बीघा गांव के श्रवण महतो का पुत्र सौरभ कुमार भी गिरफ्तार किए गए हैं। इस ठगी में शामिल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक महिला भी शामिल है।
पुलिस ने बरामद किया सामान
पुलिस ने इन अपराधियों के पास से 19 मोबाइल फोन, 1 कार, 2 बाइक, 2 आधार कार्ड, 2 पासबुक, 1 पैन कार्ड, 1 वोटर आई कार्ड और कई सिम कार्ड बरामद किए हैं। पूछताछ में पता चला कि ये अपराधी लोन दिलाने के बहाने लोगों को फंसाते थे और उनसे पैसे ऐंठ लेते थे। एक साइबर डीएसपी को ही निशाना बनाए जाने से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस लगातार साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। हालांकि, ये अपराधी अक्सर अपना ठिकाना बदल लेते हैं और नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगते रहते हैं।