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Cyclone Biparjoy: गुजरात तट से आज शाम तक टकराएगा विनाशकारी बिपरजोय, कच्छ-सौराष्ट्र में भारी बारिश शुरू, 75 हजार लोगों को किया शिफ्ट

Cyclone Biparjoy: गुजरात के तटीय इलाकों की तरफ तेजी से बढ़ रहा चक्रवाती तूफान बिपरजोय बेहद खतरनाक हो चुका है। विनाशकारी चक्रवात गुजरात तट से करीब 180 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। बिपरजोय के चलते समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं। जूनागढ़ में किनारे पर स्थित घरों में समुद्र का पानी घुस आया है। तटीय इलाकों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई है

Akhileshअपडेटेड Jun 15, 2023 पर 12:03 PM
Cyclone Biparjoy: गुजरात तट से आज शाम तक टकराएगा विनाशकारी बिपरजोय, कच्छ-सौराष्ट्र में भारी बारिश शुरू, 75 हजार लोगों को किया शिफ्ट
Biparjoy के अधिकतम 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ गुजरात तट के पास टकराने का अनुमान है

Cyclone Biparjoy: गुजरात के तटीय इलाकों की तरफ तेजी से बढ़ रहा चक्रवाती तूफान बिपरजोय बेहद खतरनाक हो चुका है। विनाशकारी चक्रवात बिपरजोय गुजरात तट से करीब 180 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात के गुरुवार शाम तक गुजरात तट से टकराने की आशंका है। क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की आशंका के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों से 74,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है। प्रशासन ने कच्छ जिले में समुद्र तट से शून्य से 10 किलोमीटर के बीच स्थित लगभग 120 गांवों के लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया है। बिपरजोय के चलते समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं। जूनागढ़ में किनारे पर स्थित घरों में समुद्र का पानी घुस आया है। वहीं, तटीय इलाकों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई है। गुजरात के साथ महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी इसका असर देखने को मिलेगा।

इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के अनुसार, बिपरजोय के अधिकतम 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ एक बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में जखौ बंदरगाह के पास टकराने का अनुमान है। IMD ने कहा कि इस शक्तिशाली तूफान के गुजरात तट के पास पहुंचने के साथ ही कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर जिले में छिटपुट स्थानों पर बारिश की तीव्रता बढ़ जाएगी।

IMD ने चक्रवात पर अपनी अपडेट जानकारी में कहा कि उत्तर-पूर्व अरब सागर के ऊपर मौजूद वीएससीएस बिपारजॉय 14 जून 2023 को भारतीय समयानुसार रात ढाई बजे जखौ बंदरगाह से 200 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में था। 15 जून की शाम तक यह जखौ बंदरगाह के पास सौराष्ट्र और कच्छ तथा निकटवर्ती मांडवी एवं कराची के बीच स्थित पाकिस्तान तट से गुजरेगा।

चपेट में आ सकते हैं सैकड़ों गांव

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