देश भर में सर्दी का मौसम शुरू होने वाला है। इससे पहले ही देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का हाल प्रदूषण की वजह से बेहाल है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुबह 8 बजे 300 को पार पहुंच गया। इसकी वजह पंजाब और हरियाणा में खेतों में लगने वाली आग को माना जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board - CPCB) के अनुसार सोमवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा। अक्षरधाम मंदिर इलाके में घना कोहरा देखने को मिला। यहां AQI 307 दर्ज किया गया। इसे बहुत खराब श्रेणी में रखा गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक, जब AQI को 'खराब' श्रेणी में रहता है तो लंबे समय इसके संपर्क में रहने वाले लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। जबकि 'बहुत खराब' श्रेणी में होने पर लोगों को श्वसन संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।
दिल्ली के कई इलाकों में हवा खराब
दिल्ली के कई इलाके ऐसे हैं, जहां पर हवा काफी खराब (Very poor) कैटेगरी में है। इसमें आनंद विहार 375, वजीरपुर 355, जहांगीरपुरी 359, मुंडका 328 और रोहिणी में AQI 325 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने रविवार को शाम 4 बजे दिल्ली का औसत AQI 277 (खराब) बताया। ये लगातार पांचवें दिन खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। इसके बाद यह स्तर शाम 7 बजे तक 289 और रात 11 बजे तक 303 तक पहुंच गया। EWS का कहना है कि दिल्ली में प्रदूषण कम होने की अभी कोई आसार नहीं हैं। ऐसे में अगर पराली जलाने जैसी घटनाएं हुईं तो, दिल्ली की हवा और भी ज्यादा खराब हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां ठंड बढ़ गई। प्रदूषण का स्तर खराब होता जा रहा है। लिहाजा लोगों को मास्क भी पहनना चाहिए।
दिल्ली-हरियाणा के बीच घमासान
वहीं बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सीएम आतिशी ने पड़ोसी राज्यों को जिम्मेदार ठहराया है। इस पर हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने आतिशी के आरोपों पर पलटवार किया है। सैनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी झूठ बोलने और अपनी गलतियों के लिए दूसरों को दोष देने की आदत है। हालांकि, आंकड़ों की बात करें तो पंजाब-हरियाणा .में पराली जलाने की घटनाओं से दिल्ली के प्रदूषण बढ़ा है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में दिल्ली में वायु प्रदूषण में और ज्यादा बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है।
जानिए कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी
अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है। 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’ माना जाता है। 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’माना जाता है। किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है। AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।