Delhi Triple Murder: बॉक्सर बना अपने ही परिवार का हत्यारा! पहले बहन का गला काटा, फिर माता-पिता पर चाकू से किया वार
गुरुवार को उसे शहर की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि उन्हें उससे अभी और भी पूछताछ करनी है और कुछ लोगों और दूसरे सबूतों से उसका सामना कराना है। न्यूज एजेंसी के हवाले से पुलिस ने कहा, "जांच के दौरान, यह पाया गया कि आरोपियों ने अपराध करने से पहले इंटरनेट पर हत्या के तरीके खोजे थे
MoneyControl News
अपडेटेड Dec 06, 2024 पर 7:32 PM
Delhi Triple Murder: बॉक्सर बना अपने ही परिवार का हत्यारा! पहले बहन का गला काटा, फिर माता-पिता पर चाकू से किया वार
दिल्ली के नेब सराय ट्रिपल मर्डर मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, जहां 20 साल छात्र अर्जुन तंवर को अपने माता-पिता और बहन की उनके दक्षिणी दिल्ली स्थित घर पर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पूर्व सैनिक 51 साल के राजेश कुमार, उनकी 46 साल पत्नी कोमल और उनकी 23 साल की बेटी कविता बुधवार सुबह अपने घर पर मृत पाए गए। न्यूज एजेंसी PTI ने पुलिस के हवाले से बताया, आरोपी बेटे ने अपराध को अंजाम देने से पहले हत्या के तरीकों के बारे में ऑनलाइन सर्च किया था।
गुरुवार को उसे शहर की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि उन्हें उससे अभी और भी पूछताछ करनी है और कुछ लोगों और दूसरे सबूतों से उसका सामना कराना है। न्यूज एजेंसी के हवाले से पुलिस ने कहा, "जांच के दौरान, यह पाया गया कि आरोपियों ने अपराध करने से पहले इंटरनेट पर हत्या के तरीके खोजे थे।"
कैसे की गईं हत्याएं?
पुलिस के मुताबिक, अर्जुन के अपने माता-पिता के साथ संबंध अच्छे नहीं थे और वह इस बात से परेशान था कि वे उससे ज्यादा उसकी बहन को पसंद करते थे।
दिल्ली पुलिस के एक बयान में कहा गया, “उसने अपने परिवार के सदस्यों को खत्म करने की योजना पहले ही बना ली थी। उसने 4 दिसंबर का दिन चुना, क्योंकि इस दिन उसके माता-पिता की शादी की सालगिरह थी। जाल रचने के लिए वह सुबह 5.30 बजे बहाना बना कर घर से निकल गया।"
जांच से पता चला कि पीड़ितों पर बेरहमी से हमला किया गया था। उनके गले काटे गए थे और उन पर चाकू से कई वार किए गए थे। राजेश और कविता के शव घर की पहली और निचली मंजिल पर अलग-अलग कमरों में पाए गए, जबकि कोमल का शव ग्राउंड फ्लोर पर मिला।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसने सबसे पहले अपनी बहन की सोते समय गला काटकर हत्या कर दी। फिर वह ऊपर गया, जहां उसने अपने पिता की गर्दन पर चाकू मारा और अपनी मां का गला काट दिया, जो टॉयलेट में थी।
ईर्ष्या और घृणा ने अर्जुन को बनाया कातिल
अर्जुन के अपने माता-पिता के साथ अच्छे संबंध नहीं थे और वह इस बात से परेशान था कि वे उससे ज्यादा उसकी बहन को पसंद करते थे। अर्जुन ने खुलासा किया कि वह एक हफ्ते से हत्या की योजना बना रहा था।
उसने पुलिस को बताया कि उसके पिता सेना से रिटायर थे और मेहनत से पढ़ाई न करने के लिए उसे डांटते थे। हाल ही की एक घटना के दौरान उसके पिता ने उसे डांटा और पीटा, जिससे वह अपराध करने के लिए प्रेरित हुआ।
पुलिस के बयान में कहा गया, “दूसरों के सामने इस तरह से डांटने और मारने से उसे बहुत अपमानित महसूस हुआ। उसे अपने पिता और परिवार के सदस्यों से बहुत ज्यादा नाराजदी थी, क्योंकि कोई भी उसका समर्थन नहीं करता था। वह उपेक्षित और अलग-थलग महसूस करता था।"
खून से सने कपड़े, चाकू जंगल से बरामद
पुलिस ने बुधवार देर रात पास के संजय वन से खून से सने कपड़े और कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किया गया एक आर्मी चाकू बरामद किया। आरोपी ने खुलासा किया कि अपराध को अंजाम देने के बाद, उसने अपने खून से सने कपड़े बदले, उन्हें अपने जिम बैग में रखा और संजय वन गया, जहां उसने चाकू के साथ उन्हें फेंक दिया।
पुलिस ने न्यूज एजेंसी को बताया कि घर वापस आने के बाद, उसने वॉशरूम और घर के दूसरे सामानों पर लगे खून के धब्बे साफ करने की कोशिश की।
अर्जुन ने पुलिस को गुमराह किया
20 साल के युवक ने पुलिस को फोन किया। उसने पुलिस को बताया कि जब वह बुधवार सुबह जॉगिंग से लौटा, तो उसे इस घटना के बारे में पता चला। इसके बाद हुई जांच में एक भयानक कहानी सामने आई कि कैसे अहंकार और भाई-बहन के बीच के झगड़े ने एक बॉक्सर को अपने ही परिवार का हत्यारा बना दिया।
उसने पुलिस को झूठी कहानी सुनाई और दावा किया था कि जब परिवार के सदस्यों की हत्या की गई तब वह जिम में था। हालांकि, पूछताछ के दौरान उसके बयान ठीक नहीं लगे, जिससे शक पैदा हुआ।
पुलिस ने CCTV फुटेज की जांच की, जिसमें घर में जबरन किसी के घुसने का कोई संकेत नहीं मिला और पाया कि घर में सब कुछ अछूता दिखाई दिया। इस सब से अर्जुन बौखला गया और आखिरकार उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।
आरोपी दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक कॉलेज से राजनीति विज्ञान में डिग्री ले रहा था और एक ट्रेंड बॉक्सर था। वह एक स्टेट लेवल मुक्केबाजी प्रतियोगिता में दिल्ली की ओर से भी खेला था, जहां उसने सिल्वर मेडल जीता। उसने धौला कुआं के आर्मी पब्लिक स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई की थी।
मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला यह परिवार अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और करियर की उम्मीद में 15 साल पहले दिल्ली आ गया था। अर्जुन और कविता दोनों मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट विजेता थे, और कविता एक प्रतिभाशाली छात्रा थी।