साइबर ठग माइक ऑन कर मनाने लगे खुशियां, लगाए ठहाके, फिर इंजीनियर के दिमाग की जली बत्ती, हुआ बड़ा खुलासा

Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट मामले लगातार तेजी से आ रहे हैं। इससे पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच हरियाणा के फरीदाबाद में साइबर ठगों ने एक इंजीनियर को 6 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। पीड़ित इंजीनियर एक कमरे में बंद रहा। ठगों ने उससे 3.46 लाख रुपये से ज्यादा वसूल लिए

अपडेटेड Dec 24, 2024 पर 4:41 PM
Digital Arrest: फरीदाबाद में साइबर ठगों की एक गलती ने उनकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है।

इस डिजिटल युग में डिजिटिलाइजेशन से एक तरफ लोगों को फायदा भी हो रहा है तो दूसरी तरफ उनके साथ जालसाजी की घटनाएं भी बढ़ी हैं। ऐसी ही फरीदाबाद से जुड़ा साइबर ठगी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक मैकेनिकल इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर फंसाकर उससे 3.46 लाख रुपये की ठगी कर ली गई है। हरियाणा के फरीदाबाद जिल में इंजीनियर को छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। लेकिन साइबर ठग माइक को म्यूट करना भूल गए। फिर ठगी के बाद सभी हंसने लगे। इसके बाद इंजीनियर के दिमाग की बत्ती जली।

साइबर ठगों ने मैकेनिकल इंजीनियर को 6 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। पीड़ित को जब कुछ शक हुआ तो उसने कॉल काट दिया और तुरंत पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। माइक ऑन होने की वजह से इंजीनियर ने ठगों की बातें सुन ली थी।

मैकेनिकल इंजीनियर ऐसे हुआ डिजिटल अरेस्ट


दरअसल, फरीदाबाद के बल्लभगढ़-तिगांव रोड स्थित एक फैक्ट्री में काम करने वाले मैकेनिकल इंजीनियर मोहित के पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। यह कॉल एक कुरियर कंपनी के नाम से विदेशी नंबर से आया था। कंपनी बैंकॉक की है, उस वक्त इंजीनियर अपनी कंपनी में थे। ठग ने कहा कि आपका पार्सल एयरपोर्ट पर होल्ड है। जिसमें पांच पासपोर्ट, बैंक के डॉक्युमेंट्स, 5000 नकद, 200 ग्राम ड्रग्स, 6 किलो कपड़े और एक लैपटॉप हैं। इंजीनियर ने कहा कि उन्होंने कोई पार्सल नहीं किया है। इस पर ठग ने कहा कि आपका इस पार्सल से आधार नंबर जुड़ा है। इस पर इंजीनियर थोड़े परेशान हो गए। इसकी वजह ये रही कि वह कंपनी के काम से बाहर जाते वक्त अक्सर होटलों में ठहरते हैं, जहां कई बार आधार कार्ड देना पड़ जाता है।

क्राइम ब्रांच और सीबीआई का अधिकारी बन किया विडियो कॉल

फिर ठग ने कहा कि आप अपना बयान विडियो कॉल पर दर्ज कराओ। उसके बाद उसने विडियो कॉल की। ठग ने खुद को क्राइम ब्रांच और सीबीआई का अधिकारी बताया। साथ ही पीड़ित से उसके आधार कार्ड और अन्य की जानकारी मांगी। उन्हें डराते हुए कहा कि आपकी वॉकी टॉकी के जरिए पुलिस अधिकारी से बात कराते हैं। उस नकली पुलिस अधिकारी ने कहा कि आपके चार अवैध तरीके से अकाउंट खुले हुए हैं। इसके बाद मोहित को अपने घर पर जाने और अकेले कमरे में रहने को कहा। ठगों ने मोबाइल कैमरे के जरिए 24 घंटे उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।

ऐसे हुआ खुलासा

6 दिन तक इंजीनियर मोहित डिजिटल अरेस्ट रहे। एक दिन सुबह साइबर माइक को म्यूट करना भूल गए। ठग चाय पीने के दौरान ठग का माइक ऑन रह गया। वो लोग आपस में बात कर रहे थे और हंस रहे थे। इसके साथ ही ठग अपने साथियों से पूछ रहा था कि डोगरा, हेमा मालिनी केस में पैसे आए या नहीं। इसके बाद ठगी के शिकार इंजीनियर को कुछ शक हुआ। फौरन उसने फोन काट दिया और परिजनों को बताया। इसके बाद पुलिस में शिकायत कर दी।

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