आज कल की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास खुद के बारे में सोचने तक समय नहीं है। बहुत से लोग इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में कब बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। उनको पता भी नहीं चलता है। वैसे भी बीमारियां कोई भी हों, तकलीफ सब में मिलती है। इस बीच बहुत से लोग, बीमारी के वहम से तकलीफ सहते रहते हैं। डॉक्टर उन्हें समझाते हैं कि कोई दिक्कत नहीं है। वावजूद इसके उनके भीतर से बीमारी का वहम जाता ही नहीं है। ऐसे में आज हम आपको बताते हैं बीमारी का वहम कैसे हो जाता है। इस वहम से कैसे छुटकारा पा सकते हैं?
बहुत से ऐसे डॉक्टर हैं जो ऐसे मरीजों का सामना करते हैं। जिन्हें कोई बीमारी नहीं है। डॉक्टर उन्हे बताते-बताते थक जाते हैं कि आपको कोई बीमारी नहीं है। सारे चेकअप कर लिए गए हैं।
गंभीर बीमारियों का होता है वहम
वहम से पीड़ित लोगों के दिमाग में कूट-कूट कर भर जाता है कि इस बीमारी से ग्रसित हैं। डॉक्टर भले ही उन्हें कितना भी दिलासा देते रहें। ऐसे ही आयरलैंड की महिला डॉक्टर ने एक मरीज के साथ हुई घटना का किस्सा शेयर किया है। डॉक्टर का कहना है कि उनके पास एक मरीज आई थी। उसने बताया कि उसे कुछ भी नहीं दिखाई देता है। मरीज का कहना था कि उन्हें दीवार पर टंगी घड़ी भी नहीं दिख रही है। यहां तक उन्हें दिन और रात में भी फर्क महसूस नहीं होता था। डॉक्टरों ने कई सारे चेकअप कर डालें। सारी रिपोर्ट नॉर्मल रही। डॉक्टरों ने 6 महीने तक महिला का इलाज किया और बताया कि उन्हें सिर्फ वहम है। वो अंधी नहीं है।
महिला डॉक्टर ने आगे बताया कि उनके पास एक मरीज आई थी, जो कि बिना मशीन के पेशाब तक नहीं कर पाती थी। कई लोग आए जो यह कहते थे कि वो कमर के नीचे लकवे के शिकार हैं। जबकि वो पूरी तरह से स्वस्थय हैं। इनमें से ये सारी बीमारियां किसी को भी नहीं थी। ऐसे में लगता है कि बीमारी किसी अंग में नहीं बल्कि दिमाग में होती है। महिला डॉक्टर से वहम की बीमारियों पर एक किताब भी लिखी है। इसका नाम 'इट्स ऑल इन योर हेड है। उनके पास कई ऐसे मरीज आए। जिन्हें कोई बीमारी नहीं थी। सिर्फ वहम के शिकार थे।
जो लोग चिन्ता, शोक मोह आदि में डूबे रहते है। उनको व्यर्थ का वहम हो जाता है। वो सोचते रहते हैं कि उन्हें जीवन में सफलता कभी नहीं मिलेगी। ऐसे में इन लोगों के मन में कई तरह का डर समा जाता है। इसके बाद उन्हें बिना किसी बीमारी के यह वहम हो जाता है कि किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं।