टेस्ला के CEO एलॉन मस्क ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के एक बयान पर शिवसेना UBT सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया का समर्थन किया है। स्टारमर ने इंग्लैंड में पाकिस्तानी गैंग से जुड़े बाल यौन शोषण कांड के बारे में बोलते हुए "एशियाई" शब्द का इस्तेमाल किया था, जिस पर विवाद खड़ा हो गया। चतुर्वेदी ने ब्रिटिश PM की पोस्ट पर रिप्लाई किया कि ये “एशियाई” नहीं बल्कि “पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग” हैं।
दरअसल अपने पिछले रिकॉर्ड का बचाव करते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने सोमवार को कहा कि 2008 से 2013 तक क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के हेड के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बाल यौन शोषण के मामलों को फिर से खोला था और उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के रोशडेल में "एशियाई ग्रूमिंग गैंग" के खिलाफ पहला मुकदमा चलाया गया।
ब्रिटेन में कई भारतीय प्रवासी समूहों ने इंग्लैंड के कुछ हिस्सों में बाल यौन शोषण कांड के संबंध में "एशियाई" शब्द के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की, क्योंकि ऐसे अपराध में ज्यादातर पाकिस्तानी मूल के पुरुषों के गैंग शामिल थे।
प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या लिखा?
ब्रिटिशन PM के इसी बयान पर प्रियंका चतुर्वेदी ने भी X पर अपनी प्रतिक्रिया दी और लिखा, "मेरे साथ दोहराइए, वे 'एशियाई ग्रूमिंग गैंग नहीं हैं, बल्कि 'पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग' हैं। किसी एक बेहद ही दुष्ट देश के लिए सभी एशियाई लोगों दोषी क्यों ठहराया जाना चाहिए?"
भारतीय सांसद की इस पोस्ट अरबपति एलॉन मस्क ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कॉमेंट में लिखा, "True" यानी 'एकदम सही'।
ग्रूमिंग गैंग विवाद क्या है?
ब्रिटेन की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी ने नॉर्दन इंग्लैंड में बच्चों के खिलाफ दशकों पुराने यौन अपराधों की नए सिरे से राष्ट्रीय जांच की मांग की है। इस विषय पर बहस तब तेज हो गई, जब एलॉन मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री कीर स्टारमर पर तीखे हमले शुरू कर दिए।
सालों से, फार-राइट विंग ग्रुप इस तरह की जांच के लिए दबाव डाल रह हैं, और इंग्लैंड के कई नॉर्दन शहरों में पुरुषों, खासतौर से पाकिस्तानी मूल के लोगों की ओर से ज्यादातर श्वेत ब्रिटिश लड़कियों के साथ यौन दुर्व्यवहार को उजागर कर रहे हैं।
स्टार्मर ने इन मांगों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार को पिछली सात साल की जांच की सिफारिशों को लागू करने के लिए कार्रवाई को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिसमें इस समस्या से निपटने के लिए लगभग दो दर्जन सुझाव दिए गए थे।