Garlic Benefits: भारतीय रसोई में सबसे ज्यादा यूज होने वाले मसालों में से एक लहसुन है । यह तेज गंध और तेज स्वाद के लिए इसे लोगों द्वारा खूब पसंद किया जाता है। लहसुन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। लहसुन का इस्तेमाल सिर्फ सब्जियों में ही नहीं किया जाता है, बल्कि इसके कई सारे फायदे हैं. इसमें सबसे बड़ा फायदा हाई ब्लड प्रेशर से निपटने में है। आयुर्वेद से लेकर मेडिकल साइंस जहां ये मानते हैं कि लहसुन सेहत के लिए फायदेमंद होता है। लहसुन के सेवन से पेट से जुड़ी समस्याएं भी दूर होती हैं।
लहसुन में कई पोषक तत्व मैग्नीशियम, विटामिन B, विटामिन C, सेलेनियम, फाइबर आदि पाए जाते हैं। इससे शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिलती है। यही नहीं, यह ब्लड प्रेशर, हार्ट स्ट्रोक, हाइपर टेंशन जैसी बीमारियों को ठीक करने के भी काफी काम आता है। इसके अलावा, जोड़ो में दर्द, सर्दी, खांसी आदि को ठीक करने के लिए भी वर्षों से इसका इस्तेमाल किया जाता है।
लहसुन ब्लड प्रेशर को करे कंट्रोल
लहसुन का रोज सेवन करने से आपको ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों से राहत मिल सकती है। जिसकी वजह से हार्ट संबंधी कई बीमारियों से आप बचे रह सकते हैं। लहसुन में सल्फर होता है। जिससे नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) और हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) गैसें बनती हैं। ये कंपाउंड हमारे ब्लड वेसल को आराम देते हैं। उन्हें फैलाने में मदद करते हैं। इस तरह ब्लड वेसल में पर्याप्त जगह होने पर हृदय को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है। जिससे हाई बीपी की समस्या कंट्रोल में रहती है। इतना ही नहीं लहसुन के नियमित सेवन से बैड कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। जिससे दिल से जुड़ी कई बीमारियां नहीं होती और आप लंबी उम्र तक हेल्दी रह सकते हैं।
जानिए कैसे करें लहसुन का सेवन
हाई बीपी से जूझ रहे मरीज लहसुन की 2 कली खा सकते हैं। इसे आप सुबह या दिन में कभी भी ले सकते हैं। इससे सुबह से ही शरीर में ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहेगा। ससे ब्लड वेसल पर जोर नहीं पड़ेगा और दिल चकाचक बना रहेगा। वहीं भुना हुआ लहसुन खाना हाई बीपी को कंट्रोल करने का एक अच्छा तरीका हो सकता है। इसके लिए एक पैन में लहसुन को भून लें और रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करें। इस तरह से लहसुन का सेवन हाई बीपी में फायदेमंद हो सकता है। बस इस बात का ध्यान रखें कि एक दिन में बहुत ज्यादा लहसुन नहीं खाना चाहिए। इसकी सीमित मात्रा ही लेनी चाहिए।