उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में मोहन नगर पर स्थित जीएसटी ऑफिस के दफ्तर में एक कारोबारी कपड़े उतार कर धरने पर बैठ गया। जीएसटी ऑफिस को पहले सेल्स टैक्स चेक पोस्ट के नाम से जाना जाता था। कारोबारी ने अधिकारियों पर जांच के नाम पर जबरन वसूली के आरोप लगाए हैं। ऑफिस में दिन भर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। वहीं, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कारोबारी के वाहन की जांच के दौरान ई-वे बिल की मियाद खत्म पाई गई थी। व्यापारी ने विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए इतना बड़ा ड्रामा कर डाला।
कारोबारी ने आरोप लगाया है कि जीएसटी विभाग के अधिकारी उससे 2 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। नहीं देने पर अफसर उसे परेशान कर रहे थे। इससे तंग आकर उसने यह कदम उठाया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो विभाग में हड़कंप मच गया। इससे आधार पर जीएसटी विभाग ने जांच भी शुरू कर दी है।
दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें एक कारोबारी सेल टैक्स अधिकारी के सामने उसके ऑफिस में ही कपड़े उतार कर बैठ गया है। घटना 4 अक्टूबर की बताई जा रही है। कारोबारी की पहचान गाजियाबाद के मोहन नगर के रहने वाले अक्षय जैन के रूप में हुई है। अक्षय मूल रूप से मेरठ के रहने वाले हैं। वह लोहे का बिजनेस करते हैं। उनका गाजियाबाद में भी गोदाम है। अक्षय जैन कपड़े उतारकर जमीन पर बैठ गए। वीडियो में जैन कह रहे हैं, मेरे पास हैं ही नहीं पैसे। दो लाख रुपये कहां से देंगे। इस दौरान वह एक-एक करके कपड़े भी उतारते रहे और कहा कि मैं यहीं दिगंबर अवस्था में बैठूंगा।
अधिकारियों को 85 लाख का टार्गेट पूरा करना है
इस दौरान जीएसटी दफ्तर में मौजूद कर्मचारी उन्हें मनाने की भी कोशिश करते दिखे। ऑफिस के एक कर्मचारी ने अक्षय जैन से कहा कि आप दबाव बना रहे हो। इस पर अक्षय ने जवाब दिया कि मुझे जेल भेज दो। मैं एक पैसे की हेराफेरी नहीं कर रहा हूं, फिर भी नाजायज दबाव बना रहे हैं। उल्टी-सीधी पेनल्टी लगा रहे हैं। इस पर कर्मचारी पूछते हैं कि किसने मांगे पैसे? अक्षय कहते हैं, क्यों नहीं मांगे। आप मुझे चुपचाप (अकेले में) क्यों बुला रहे थे।
वीडियो में अक्षय कह रहे हैं कि इन्हें टार्गेट पूरा करना है। मेरे से कह रहे थे कि 85 लाख रुपये का टार्गेट है। मुझे वह पूरा करना है। इसके बाद अक्षय कहते हैं कि वह अब मौन धारण कर रहे हैं।