सॉफ्टवेयर कंपनी ग्लोबेंट ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दे रखा है और ऑफिस से काम करने का फैसला उन पर छोड़ दिया है। 33 देशों में फैले कंपनी के लगभग 30,000 कर्मचारियों को यह छूट दी गई है कि वे अगर चाहें तो रिमोट वर्क जारी रख सकते हैं। ग्लोबेंट के फाउंडर और सीईओ मार्टिन मिगोया अपने कर्मचारियों को जबर्दस्ती ऑफिस से काम कराने में विश्वास नहीं रखते हैं। मिगोया ने ब्लूमबर्ग को एक इंटरव्यू में बताया, 'हम बहुत फ्लेक्सिबल रहे हैं और हम बहुत फ्लेक्सिबल बने रहेंगे। ऑफिस को लोगों के इकट्ठा होने के लिए एक अट्रैक्शन पॉइंट होना चाहिए, न कि केवल वह डेस्क जहां आप अपना काम करते हैं। यह कंपनी के लिए एक कनेक्शन इंजन है।'
ऐसा नहीं है कि मिगोया इन-पर्सन वर्क की सराहना नहीं करते। कंपनी अपने कर्मचारियों की बदलती जरूरतों के अनुरूप महामारी के बाद अपने ऑफिसेज को फिर से डिजाइन कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडीविजुअल डेस्क्स को अधिक गोल मेजों से बदल दिया गया है, जिन पर कई लोग बैठ सकते हैं। इसके अलावा प्राइवेट मीटिंग्स के लिए अतिरिक्त लाउंज स्पेस और वर्क स्टेशन बनाए गए हैं। ग्लोबेंट 1 अरब डॉलर के निवेश के हिस्से के रूप में अगले 5 वर्षों में और 20,000 कर्मचारियों को नियुक्त करने की प्रक्रिया में है।
ग्लोबेंट हेड ऑफिस में क्या नया
जो कर्मचारी ब्यूनस आयर्स में हेड ऑफिस से काम करना चुनेंगे, वे कुछ अर्जेंटाइन बारबेक्यू एंजॉय कर सकते हैं, जिम जा सकते हैं, पिंग-पोंग खेल सकते हैं, यहां तक कि एक मैकेनिकल बुल की सवारी भी कर सकते हैं। मिगोया ने कहा कि महामारी के बाद वह भी चाहते थे कि सभी कर्मचारी ऑफिस में वापस लौटें। लेकिन उन्होंने नरम रुख अपनाया और ऑफिसेज को अधिक फ्लेक्सिबल और स्वागत योग्य बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने ब्लूमबर्ग को बताया, "हमने पाया कि लोग आते हैं, एक साथ मिलते हैं, वे हमारे ऑफिसेज का अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करते हैं। हम उस नई रिएलिटी को ध्यान में रखते हुए अपने ऑफिसेज को मॉडिफाई कर रहे हैं।"