Harbhajan Singh apologises: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिव्यांगों का कथित तौर पर मजाक उड़ाने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह, हरभजन सिंह और सुरेश रैना की आलोचना हो रही है। वीडियो में तीनों पूर्व क्रिकेटर कथित तौर पर गाने 'तौबा-तौबा' पर अभिनेता विक्की कौशल के वायरल डांस को दोहराने की कोशिश करते दिख रहे हैं। वर्ल्ड कप लीजेंड फाइनल में इंडिया चैंपियंस द्वारा पाकिस्तान चैंपियंस को 5 विकेट से हराने के बाद पूर्व खिलाड़ियों ने उक्त वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। इस वीडियो के लिए संन्यास ले चुके इन तीन पूर्व क्रिकेटरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है।
वर्ल्ड चैंपियनशिप की गोल्ड मेडल विजेता पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मानसी जोशी ने पूर्व भारतीय क्रिकेटरों हरभजन सिंह, युवराज सिंह और सुरेश रैना की कथित रूप से दिव्यांगों का मजाक उड़ाने के लिए कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया यह वीडियो बेहद खराब मिसाल कायम करता है। अब डिलीट कर दिए गए वीडियो में युवराज, हरभजन और रैना लंगड़ाते हुए और अपनी पीठ पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे पता चलता है कि मैच के कारण उनके शरीर पर कितना बुरा असर पड़ा है।
नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ एम्प्लॉयमेंट फॉर डिसेबल्ड पीपल (NCPEDP) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरमान अली ने वर्ल्ड कप विजेता टीम के खिलाफ भारत के '10 करोड़ से अधिक' दिव्यांग लोगों का 'अपमान' करने और 'मजाक उड़ाने' के लिए शिकायत दर्ज कराई है। मेटा के स्वामित्व वाली इंस्टाग्राम के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए नई दिल्ली के अमर कॉलोनी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई है।
वीडियो के साथ शीर्षक लिखा गया है, "बॉडी की तौबा-तौबा हो गई है 15 दिनों के लीजेंड क्रिकेट में...शरीर का हर हिस्सा टूट रहा है। हमारे भाइयों विक्की कौशल और करण औजला को हमारे तौबा-तौबा गाने से सीधी चुनौती। क्या गाना है।"
अली कहते हैं, "...जब मैंने हरभजन सिंह, युवराज सिंह, सुरेश रैना का वीडियो देखा, जिसमें वे विकलांग होने का नाटक कर रहे थे, वायरल गाने पर एक तरह का मजाक उड़ाया गया, मुझे लगता है कि यह भारत के 10 करोड़ से ज्यादा विकलांग लोगों का अपमान है।" उन्होंने आगे कहा कि हरभजन जैसे सांसद को विकलांगता के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अपनी आवाज उठानी चाहिए।
वीडियो को 'घटिया मजाक' बताया गया
दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस वीडियो को 'घटिया मजाक' बताया है। नेशनल प्लेफॉर्म फॉर राइट्स ऑफ द डिसएबल्ड (NPRD) ने इस वीडियो को पूरी तरह से अपमानजनक करार दिया है। एनपीआरडी ने X पर जारी पोस्ट में कहा, "इस तरह के व्यवहार की निंदा करने के लिए शब्द नहीं हैं, खासतौर पर तब जब इसे राष्ट्रीय नायक माने जाने वाले लोगों ने किया है। इस तरह की अपमानजनक हरकतें उनकी असंवेदनशीलता और असभ्यता को उजागर करती हैं।"
अरमान अली ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेने की अपील की। दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता सत्येंद्र सिंह ने कहा कि ये क्रिकेटर बहुत से भारतीयों के आदर्श हैं और युवराज सिंह ने कैंसर से जंग लड़ी है, उन्हें अधिक सहानुभूति रखने वाला होना चाहिए।
इस वीडियो पर विवाद पैदा होने के बाद हरभजन सिंह ने X पर एक पोस्ट जारी करके स्पष्टीकरण दिया और कहा कि उनका इरादा किसी का अपमान करना नहीं था। हरभजन सिंह ने अपनी सफाई में कहा, "मैं इंग्लैंड में चैंपियनशिप जीतने के बाद सोशल मीडिया पर हमारे 'तौबा तौबा' वाले हाल के वीडियो के बारे में शिकायत कर रहे लोगों को स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे। हम हर व्यक्ति और समुदाय का सम्मान करते हैं और यह वीडियो सिर्फ 15 दिनों तक लगातार क्रिकेट खेलने के बाद हमारे शरीर पर पड़ने वाले असर को दर्शाने के लिए था।"
उन्होंने कहा, "टूटते शरीर... हम किसी का अपमान करने की कोशिश नहीं कर रहे थे... फिर भी अगर लोगों को लगता है कि हमने कुछ गलत किया है... तो मैं अपनी तरफ से बस इतना ही कह सकता हूं कि सभी से माफी चाहता हूं... कृपया इसे यहीं रोकें और आगे बढ़ें। खुश और स्वस्थ रहें।" भारतीय दिव्यांग क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष रवि चौहान को लगता है कि इन क्रिकेटरों ने वीडियो डिलीट करके सही काम किया।