Pre Marriage Medical Test: सात फेरे लेने से पहले ये टेस्ट जरूर कराएं, जिंदगी बन जाएगी खुशहाल

Medical test before marriage: अगर आप शादी करने जा रहे हैं तो कुछ मेडिकल टेस्ट जरूर कराएं। इससे आपकी जिंदगी में खुशहाली आएगी। इनमें जीनोटाइप, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, हेपेटाइटिस B/C और एसटीआई जैसे टेस्ट बेहद जरूरी हैं। टेस्ट अनुवांशिक बीमारियों, प्रजनन स्वास्थ्य, और संक्रामक रोगों की जांच में मदद करते हैं

अपडेटेड Nov 28, 2024 पर 3:22 PM
शादी से पहले जरूर कराएं ये जरूरी टेस्ट।image source: google)

शादियों के सीजन में हर कोई तैयारियों में व्यस्त होता है, लेकिन शादी से पहले लड़की और लड़के की कुंडली मिलाई जाती है. जिससे उनके गुण देखे जाते हैं ताकि उनकी लाइफ में किसी भी तरह की कई परेशानी न आए। जिस तरह शादी से पहले कुंडली का महत्व होता है, ठीक उसी तरह कुछ मेडिकल टेस्ट (Pre Marriage Medical Test List) भी बेहद जरूरी होते हैं, जिनका मिलान शादी से पहले कर लेना चाहिए। इससे शादी के बाद किसी तरह की समस्याएं नहीं होती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे टेस्ट के बारें में बताने जा रहे हैं, जिसे हर कपल को शादी से पहले करवाने चाहिए।

एक रिपोर्ट के अनुसार, शादी से पहले मेडिकल चेकअप न केवल स्वास्थ्य समस्याओं को दूर रखने में मददगार है, बल्कि रिश्तों में स्थिरता लाने में भी सहायक है।

शादी से पहले जरूर कराएं ये टेस्ट


1 - अगर आप शादी करने जा रहे हैं तो जीनोटाइप टेस्ट कराना बेहद जरूरी होता है।

2 - ब्लड ग्रुप का टेस्ट भी करा लेना चाहिए। इसके साथ ही एचआईवी का भी टेस्ट कराना चाहिए।

3 - शादी से पहले हैपेटाइटिस बी और हैपेटाइटिस सी का टेस्ट कराना बेहद जरूरी होता है। इससे बीमारी बढ़ने की आशंका कम होती है।

4 – वहीं सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन यानि एसटीआई का टेस्ट भी कराना चाहिए। इससे इंफेक्शन का पता लग जाता है।

5 - कैरियर स्क्रीनिंग कराना भी अनिवार्य हो जाता है। इससे स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी, हेमोफीलिया आदि का पता लग जाता है।

शादी से पहले मेडिकल टेस्ट के फायदे

अनुवांशिक बीमारियों का पता

सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया जैसी बीमारियां पीढ़ियों में फैल सकती हैं। टेस्ट के जरिए यह जानना संभव है कि दूल्हा-दुल्हन किसी गंभीर अनुवांशिक बीमारी के वाहक हैं या नहीं, जिससे भविष्य में बच्चों को समस्याओं से बचाया जा सके।

प्रजनन स्वास्थ्य की जानकारी

शादी से पहले टेस्ट के जरिए यौन संचारित रोग (HIV) या प्रजनन संबंधी समस्याओं का पता लगाना आसान हो जाता है। इससे स्वास्थ्य समस्याओं के साथ-साथ आपसी विश्वास और समझ भी बढ़ती है।

ब्लड ग्रुप और प्रेग्नेंसी की तैयारी: पति-पत्नी के ब्लड ग्रुप का पता होने से प्रेग्नेंसी के दौरान संभावित समस्याओं को टाला जा सकता है, जैसे Rh-नेगेटिव और Rh-पॉजिटिव का असंतुलन।

मानसिक स्वास्थ्य का मूल्यांकन

डिप्रेशन, एंजायटी या अन्य मानसिक समस्याओं का पहले ही पता चलने से शादीशुदा जीवन को बेहतर किया जा सकता है।

संक्रामक बीमारियों की जांच

टीबी, हेपेटाइटिस बी और सी जैसी बीमारियों का समय रहते पता लगाकर उनका इलाज संभव है, जो शादी के बाद दोनों जीवनसाथियों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।

किन लोगों को टेस्ट करवाना चाहिए?

पारिवारिक विवाह करने वाले

करीबी रिश्तेदारों में शादी अनुवांशिक रोगों के जोखिम को बढ़ा सकती है, इसलिए यह टेस्ट अनिवार्य है।

उम्रदराज जोड़े

30 की उम्र के बाद शादी करने वाले जोड़ों के लिए प्रजनन स्वास्थ्य और अन्य चेकअप महत्वपूर्ण होते हैं।

पूर्व में बीमार रहे लोग 

यदि किसी को पहले कोई गंभीर शारीरिक या मानसिक बीमारी रही है, तो शादी से पहले उसकी जांच करना जरूरी है।

अलग संस्कृतियों के कपल 

अलग देशों या संस्कृतियों में शादी के वक्त बीमारियों की संभावना और चिकित्सा परंपराओं में अंतर को ध्यान में रखते हुए मेडिकल चेकअप करना फायदेमंद है।

टेस्ट से मिलेंगे ये फायदे

1 - स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव

2 - आपसी विश्वास और मानसिक शांति

3 - भविष्य की बेहतर योजना और स्वस्थ संतानों की संभावना

4 - समय पर किए गए मेडिकल टेस्ट शादीशुदा जीवन को न केवल स्वस्थ बनाते हैं, बल्कि रिश्तों में स्थिरता और आपसी समझ को भी मजबूत करते हैं।

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