इस सप्ताह भारत को लू से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है
Heatwave Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित कई अन्य राज्यों में इस सप्ताह भीषण गर्मी और लू से राहत मिल सकती है। IMD ने अपने ताजा मौसम पूर्वानुमान में कहा है कि अगले तीन दिनों में कई राज्यों में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। IMD के अनुसार, 2 मई तक उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में हीटवेव की स्थिति जारी रहने और उसके बाद इसका प्रकोप कम होने की संभावना है।
दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 3-4 मई को धूल भरी आंधी और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में 2 मई से 4 मई के बीच हल्की से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है। राजस्थान में 2 मई और 3 मई को गरज के साथ धूल भरी आंधी आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने सोमवार और बुधवार को आंधी और गरज के साथ छीटें पड़ने का पूर्वानुमान जताया है, जिससे दिल्लीवासियों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। IMD के मुताबिक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, कच्छ और पूर्वी राजस्थान में लू का प्रकोप कम होगा। मौसम विभाग ने इन इलाकों में बादल छाए रहने की संभावना जताई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकेगी।
IMD का लेटेस्ट फोरकास्ट
- IMD के अधिकारियों ने कहा कि सोमवार और बुधवार को दिल्ली में आंधी या गरज के साथ छीटें पड़ सकती हैं, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। मंगलवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे।
- मौसम विभाग ने कहा कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और पश्चिमी राजस्थान में 3 मई से लू खत्म हो जाएगी। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक और सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री अधिक होने पर लू घोषित की जाती है।
- 2 मई से 4 मई के बीच हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग इलाकों में धूल भरी आंधी या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
- मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 1990 के बाद से अप्रैल महीने में इस साल सर्वाधिक औसत अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। साथ ही, क्षेत्र में मई में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।
- उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में इस साल अप्रैल पिछले 122 वर्षों में सबसे अधिक गर्म रहा, जहां औसत अधिकतम तापमान क्रमश: 35.9 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा।
- इससे पहले उत्तर-पश्चिम भारत में अप्रैल 2010 में औसत अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस, जबकि मध्य भारत में अप्रैल 1973 के दौरान औसत अधिकतम तापमान 37.75 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
- मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश भागों (जम्म कश्मीर, हिमाचल, गुजरात, राजस्थान, पजांब और हरियाणा) को मई में भी सामान्य से अधिक तापमान का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि अप्रैल के दौरान देशभर में औसत तापमान 35.05 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 122 वर्षों में चौथी बार सबसे अधिक रहा है।
- IMD ने कहा कि देश में इस साल मई के दौरान औसत बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। साथ ही कहा कि मई में उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
- राजस्थान में अगले दो-तीन दिनों के दौरान हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। उत्तरी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में 2-3 मई को हल्की बारिश होने की संभावना है। राजस्थान शनिवार को भीषण गर्मी की चपेट में रहा। धौलपुर में अधिकतम तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक है।
- मौसम विभाग ने पूरे उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर लू की स्थिति के लिए चेतावनी जारी की है। IMD ने आसमान साफ रहने का अनुमान जताया है और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में दो से तीन दिनों के दौरान छिटपुट स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
- IMD ने भविष्यवाणी की है कि आने वाले पांच दिनों के दौरान तेलंगाना के उत्तरी हिस्सों में हीटवेव की स्थिति रहने की संभावना है। दक्षिणी तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश हो सकती है।