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Indian ARMY: अग्निवीरों के लिए खुशखबरी, 42% रिटायर हुए जवानों को मिलेगी सरकारी नौकरी

Indian ARMY: करीब एक लाख अग्निवीर साल 2026-27 में रिटायर होने वाले हैं। इनमें से 25 फीसदी को परमानेंट आर्मी में नियुक्ति मिलेगी। 75 फीसदी बाहर हो जाएंगे। अब इन 75 फीसदी में से 42 फीसदी को राज्य सरकार या केंद्र सरकार की नौकरी में रखा जाएगा। इसमें अर्धसैनिक बलों के अलावा अन्य मंत्रालय में रखे जाएंगे

Jitendra Singhअपडेटेड Oct 06, 2024 पर 1:56 PM
Indian ARMY: अग्निवीरों के लिए खुशखबरी, 42% रिटायर हुए जवानों को मिलेगी सरकारी नौकरी
Indian ARMY: सरकारी सूत्रों का कहना है कि रिटायर हुए सभी लोगों को नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। अभी इसकी शुरुआत 42 फीसदी से हो रही है।

सेना में अग्निवीर की तैयारी कर रहे है लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अभी तक रिटायर होने के बाद उनके भविष्य का कोई ठिकाना नहीं था। लेकिन अब सरकार ने अग्निवीरों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। करीब 42 फीसदी रिटायर हुए अग्निवीरों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। दरअसल 1 लाख अग्निवीरों में से 25 फीसदी को सेना में परमानेंट नियुक्ति दिया जाता है। 75 फीसदी बाहर हो जाएंगे। इन 75 फीसदी में से 42 फीसदी को राज्य सरकार और केंद्र सरकार की नौकरी पर रखा जाएगा।

अग्निवीरों का पहला लॉट साल 2026-27 में रिटायर होने वाला है। इनमें 25 फीसदी को वहीं सेना में परमानेंट नियुक्ति होगी। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने बताया कि 25 फीसदी से ज्यादा अग्निवीरों ने भारतीय वायु सेना (IAF) में शामिल करने की इच्छा जताई थी। इधर सरकारी सूत्रों का कहना है कि रिटायर हुए सभी अग्निवीरों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी शुरुआत 42 फीसदी से हो रही है। कहने का मतलब ये हुआ कि आने वाले दिनों में सभी रिटायर हुए अगिनवीरों को सरकारी नौकरी मिलेगी।

विभाग के मुताबिक मिलेगा फायदा

जिन अग्निवीरों को परमानेंट आर्मी में नियुक्ति मिलेगी, उन्हें भी रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त रकम मिलेगी। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। रिटायरमेंट के बाद जिस विभाग में अग्निवीरों को दोबारा सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्हें वहां के नियमों के मुताबिक ही वेतन और सभी तरह के भत्तों का फायदा मिलेगा। डेडिकेटेड यूनिट तय करेगी किसे-कहां नियुक्त करना है। सूत्रों का कहना है हर मंत्रालय में एक डेडिकेटेड यूनिट (तीन या अधिक) बनाने का प्रस्ताव है, जो यह देखेगी कि रिटायर हुए अग्निवीरों में किन्हें, किस डिपार्टमेंट और यूनिट में रखा जा सकता है। इसके लिए सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों की शैक्षणिक और अन्य योग्यताओं का आकलन भी किया जाएगा। केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकारों से भी कहा जाएगा कि वो अधिक से अधिक रिटायर हुए अग्निवीरों को नौकरी दें।

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