ज्वाइनिंग के लिए भारत से कनाडा हुआ था शिफ्ट, दो दिन में ही Meta ने कर दी छंटनी, आईआईटियन अब नए जॉब की तलाश में

मेटा (पूर्व नाम Facebook) ने बुधवार को 11 हजार से अधिक कर्मियों को निकाल दिया गया। इस छंटनी की जद में आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग किए एक शख्स हिमांशु वी भी आ गए

अपडेटेड Nov 10, 2022 पर 2:42 PM
Meta ने बुधवार को 11 हजार से अधिक कर्मियों को बार निकाल दिया। मेटा के लिए यह 2004 से लेकर अब तक सबसे बड़ी छंटनी है।

दिग्गज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने 11 हजार से अधिक कर्मियों की छंटनी कर दी है। मेटा का एक एंप्लॉयी जो कुछ दिनों पहले ही भारत से कनाडा शिफ्ट हुआ था, वह महज दो दिन ही काम कर पाया। मेटा (पूर्व नाम फेसबुक) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने इस हफ्ते की शुरुआत में बड़े पैमाने पर छंटनी का ऐलान किया था और बुधवार को 11 हजार से अधिक कर्मियों को निकाल दिया गया।

इस छंटनी की जद में आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग किए एक शख्स हिमांशु वी भी आ गए। कंपनी से बाहर निकाले जाने के बाद उन्होंने लिंक्डइन पर एक पोस्ट डाली है कि आगे क्या होगा, उन्हें नहीं पता।

Facebook में छंटनी ने मचाया कोहराम, एक ही दिन में 11000 एंप्लॉयीज कंपनी से बाहर

क्या है हिमांशु की पोस्ट में


हिमांशु ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट डाला है। हिमांशु के मुताबिक वह मेटा जॉइन करने के लिए कनाडा शिफ्ट हुए थे और ज्वाइनिंग के दो ही दिन में उनकी छंटनी हो गई। हिमांशु आगे लिखते हैं कि अब उनके लिए आगे क्या है? ईमानदारी से कहूं तो कोई आइडिया नहीं। वह आने वाले मौके का इंतजार कर रहे हैं।

हिमांशु ने अपनी पोस्ट में जॉब के किसी मौके के लिए कनाडा या भारत में लीड्स मांगा है यानी कि अगर कहीं कोई बढ़िया ओपनिंग हैं, तो हिमांशु ने इसकी जानकारी मांगी है। हिमांशु की पोस्ट को लिंक्डइन पर धड़ाधड़ शेयर किया जा रहा है और इस पर 7 हजार से अधिक रिएक्शन और सैकड़ों कमेंट्स आ गए हैं।

हिमांशु की लिंक्डइन पोस्ट को आप नीचे देख सकते हैं-

Meta के इतिहास में सबसे बड़ी छंटनी

मेटा ने बुधवार को 11 हजार से अधिक कर्मियों को बार निकाल दिया। मेटा के लिए यह 2004 से लेकर अब तक सबसे बड़ी छंटनी है। कंपनी के करीब 13 फीसदी कर्मियों को एक झटके में बाहर निकाल दिया गया। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग के मुताबिक लागत घटाने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा उन्होंने मेटा में नई हायरिंग पर रोक की मियाद आगे बढ़ाने की बात कही है। मार्च 2023 तक कंपनी नए एंप्लॉयी नहीं हायर करेगी।

जुकरबर्ग ने विदेशों में वर्क वीजा पर काम कर रहे कर्मियों के मुद्दे को लेकर भी कहा। उन्होंने कहा कि अगर आप वर्क वीजा पर काम कर रहे हैं तो यह काफी मुश्किल भरा है और टर्मिनेशन से पहले नोटिस पीरियड और कुछ मामले में वीजा ग्रेस पीरियड भी है, यानी कि सभी के पास आगे की योजना बनाने का समय है और इमिग्रेशन स्टेटस पर काम कर सकते हैं। जुकरबर्ग ने कहा कि कंपनी की इमिग्रेशन स्पेशलिस्ट्स टीम ऐसे एंप्लॉयीज की पूरी मदद करेगी।

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