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Indian Railways: कितना माइलेज देता है भारतीय रेल का डीजल इंजन? जवाब सुनकर चकरा जाएगा दिमाग

Indian Railways: ट्रेन के इंजन में जो तेल की टंकी लगी होती है। उसे तीन हिंस्सों में बांटा जाता है। एक 5000 लीटर, दूसरी 5500 लीटर और तीसरी 6000 लीटर की टंकी होती है। डीजल इंजन में प्रति किलोमीटर का एवरेज गाड़ी के लोड के मुताबिक होता है। ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों लोगों को एक साथ लेकर जाने वाली ट्रेन आखिर कितना माइलेज देती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 21, 2023 पर 10:58 AM
Indian Railways: कितना माइलेज देता है भारतीय रेल का डीजल इंजन? जवाब सुनकर चकरा जाएगा दिमाग
ट्रेन के माइलेज में सबसे बड़ा फैक्टर होता है कि किसी ट्रेन में कितने डिब्बे लगे होते हैं

Indian Railways: भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। भारतीय रेल से रोजाना करोड़ों लोग यात्रा करते हैं। आज भी बहुत से लोग लंबे सफर के लिए ट्रेन को ही तरजीह देते हैं। पहले ट्रेन भाप से चलती थी तो इसके लिए कोयले का इस्तेमाल होता था। इसके बाद डीजल से चलने वाली ट्रेन आ गई। अब ट्रेन बिजली से भी चलती है। डीजल इंजन को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं। इन सवालों में डीजल इंजन का माइलेज बहुत कॉमन है। ज्यादातर लोग इस सवाल का जवाब पाने के लिए इच्छुक होते हैं कि आखिर भारतीय रेल में शामिल डीजल इंजन कितना माइलेज देती है?

भारतीय रेल (Indian Railway) के इंजन में जो तेल की टंकी लगी होती है। उसे तीन हिंस्सों में बांटा जाता है। एक 5000 लीटर, दूसरी 5500 लीटर और तीसरी 6000 लीटर की टंकी होती है। डीजल इंजन में प्रति किलोमीटर का एवरेज गाड़ी के लोड के मुताबिक होता है।

माइलेज

देश में चलने वाली हर ट्रेन का माइलेज एक जैसे नहीं रहता है। इसमें से सभी ट्रेन अपनी कैटेगरी के हिसाब से माइलेज देती हैं। ऐसे में ट्रेन का डीजल इंजन कितना माइलेज देगा, ये इस बात पर निर्भर करता है कि इंजन कितने पावर का है। वो कितना बोझ ढो रहा है। इसके अलावा इस बात का भी महत्वपूर्ण रोल है कि ट्रेन किस इलाके में चल रही है। उसे उस लाइन पर कितना ट्रैफिक मिलता है। कम डिब्बे होने पर इंजन पर ज्यादा लोड नहीं पड़ता है। ऐसे में इंजन की पावर बढ़ जाती है।

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