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Indian Railways: ट्रेन में सामान चोरी होने पर कौन होगा जिम्मेदार? पढ़िए यात्रियों के अधिकार

Compensation for Luggage Stolen in Train: ट्रेन में सफर के दौरान बेहद सतर्क रहना होता है। अगर आपके पास सामान हैं तो उसकी देखभाल करनी पड़ती है। वहीं अगर समान के साथ सफर कर रहे हैं और सामान चोरी हो गया है तो फिर सवाल ये उठता है कि आखिर इसकी भरपाई कौन करेगा। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो इस आर्टिकल में आपको काफी मदद मिलेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 28, 2024 पर 5:22 PM
Indian Railways: ट्रेन में सामान चोरी होने पर कौन होगा जिम्मेदार?  पढ़िए यात्रियों के अधिकार
Compensation for Luggage Stolen in Train: रिजर्व कोच में अनाधिकृत लोगों का प्रवेश रोकना टीटीई और अटैंडेंट की जिम्‍मेदारी है।

भारतीय रेलवे (Indian Railway) अपने यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए छोटी-छोटी बातों का भी खास तौर से ध्यान रखता है। रेलवे ने अपने ट्वीटर अकॉउंट (Twitter Account) से भी यात्रियों की मदद करना शुरू कर दिया है। वैसे भी ट्रेन से सफर करना हम सभी को पसंद है। लेकिन इसमें सफर के दौरान अपने सामान की चिंता लगी रहती है, कि यह सुरक्षित है या नहीं। कहने को ट्रेन में RPF और GRP की टीम मौजूद रहती है। बावजूद इसके यात्रियों का सामान आंख झपकते ही चोरी हो जाता है। ऐसे में अक्‍सर हम रेलवे को दोषी मानते हैं और इसकी सर्विस पर सवाल उठाते हैं।

अगर आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं और आपका सामान चोरी हो गया। ऐसी स्थिति में सवाल ये उठता है कि आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है। बहुत से लोग पुलिस में शिकायत दर्ज कर FIR करते हैं। इसके बाद कोर्ट में मामला चलता है। जिसके बाद फैसला आता है।

सामान चोरी होने पर कौन होगा जिम्मेदार? 

अगर आप ट्रेन के आरक्षित डिब्बे में सफर कर रहे हैं। इस दौरान कोई आपको आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहा है। कोई आपका सामान चोरी करके भाग गया। ऐसी स्थिति में रेलवे की जिम्मोदारी होगी। जब यात्री आरक्षण डिब्बे में सफर कर रहे हैं तो उसमें कोई संदिग्ध व्यक्ति या सामाजिक तत्व ना एंट्री कर पाए इसकी जिम्मेदारी टीटीई और कोच अटेंडेंट की होती है। ऐसे में अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति कोच में घुसकर सामान चोरी करता है। ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी रेलवे की नहीं होती है। रेलवे की ओर से ऐसा कोई नियम भी नहीं है। लेकिन कंज्यूमर कोर्ट ने अपने दो फैसलों में ऐसे मौकों को लेकर फैसला यात्री के पक्ष में दिया है।

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