देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) की घरेलू उड़ानों में से 55 प्रतिशत शनिवार को देरी से चलीं, क्योंकि बड़ी संख्या में चालक दल के सदस्यों ने सिक लीव (Sick Leave) ले लिया था। दरअसल, इसका मुख्य कारण यह था कि इंडिगो के कर्मचारी एयर इंडिया (Air India) की भर्ती अभियान में शामिल होने चले गए थे। सूत्रों ने बताया कि चालक दल के संबंधित सदस्य बीमारी के नाम पर छुट्टी लेकर एअर इंडिया में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने चले गए थे।
कर्मचारियों द्वारा अचानक छुट्टी पर चले जाने के कारण इंडिगो की करीब 900 फ्लाइट्स शनिवार को प्रभावित रही। हालांकि, रविवार को एयरलाइन में उड़ान संचालन सामान्य हो गया। इस मामले के बारे में पूछे जाने पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के प्रमुख अरुण कुमार ने पीटीआई से कहा कि हम इसे देख रहे हैं।
एयरलाइन के सूत्रों ने एजेंसी को बताया कि एअर इंडिया के भर्ती अभियान का दूसरा चरण शनिवार को आयोजित किया गया था। सिक लीव लेने वाले इंडिगो के चालक दल के अधिकतर सदस्य इसके लिए गए थे। भारत की सबसे बड़ी एअरलाइन इंडिगो वर्तमान में रोजाना लगभग 1,600 उड़ान (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) संचालित करती है।
नागर विमानन मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, इंडिगो की 45.2 प्रतिशत घरेलू उड़ानें शनिवार को समय पर संचालित हुईं। इसकी तुलना में शनिवार को एअर इंडिया, स्पाइसजेट, विस्तारा, गो फर्स्ट और एअरएशिया इंडिया की क्रमश: 77.1 फीसदी, 80.4 फीसदी, 86.3 फीसदी, 88 फीसदी और 92.3 फीसदी उड़ानों का परिचालन समय पर हुआ।
पिछले साल 8 अक्टूबर को एअरलाइन के लिए सफलतापूर्वक बोली जीतने के बाद टाटा ग्रुप ने 27 जनवरी को एअर इंडिया का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था। एअर इंडिया ने चालक दल के नए सदस्यों के लिए एक भर्ती अभियान शुरू किया है, क्योंकि यह नए फ्लाइट खरीदने और अपनी सेवाओं में सुधार करने की योजना बना रही है।