Indira Ekadashi 2024: 28 सितंबर को रखा जाएगा इंदिरा एकादशी का व्रत, सभी पाप हो जाएंगे नष्ट, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Indira Ekadashi Date: पितृ पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को बेहद शुभ माना जाता है। 28 सितंबर को इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसमें भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इससे जीवन की परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है। इस दिन चौमुखी दीपक जलाने का महत्व है। ऐसा करने से आपके सौभाग्य में इजाफा होता है

अपडेटेड Sep 26, 2024 पर 12:33 PM
Indira Ekadashi Date: पंचांग के अनुसार हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर इंदिरा एकादशी मनाई जाती है।

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष में आने वाली एकदाशी का विशेष महत्व माना गया है। पितृ पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी (Pitru Paksha Ekadashi) के नाम से जाना जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु के साथ-साथ पितरों को प्रसन्न करने के लिए भी बेहतर मानी गई है। इस साल इंदिरा एकादशी का व्रत 28 सितंबर को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से सभी तरह के पाप नष्ट हो जाते हैं। किस्मत के दरवाजे खुलते हैं। इंदिरा एकादशी पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। माना जाता है कि एकादशी पर पूरे मनोभाव से श्रीहरि की पूजा की जाए तो व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिल जाती है।

एकादशी की तिथि 27 सितंबर को दोपहर 1.20 बजे शुरू हो जाएगी। यह 28 सितंबर को दोपहर 2.49 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के तहत इंदिरा एकादशी का व्रत 28 सितंबर 2024 दिन शनिवार को रखा जाएगा। इसका पारण 29 सितंबर को किया जाएगा।

इंदिरा एकादशी व्रत का महत्व


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर कोई पूर्वज जाने-अंजाने हुए अपने कर्मों के कारण यमराज के पास अपने कर्मों का दंड भोग रहे हैं। तब ऐसी स्थिति में इंदिरा एकादशी पर विधि पूर्वक व्रत और पूजा करना चाहिए। इसके पुण्य को उनके नाम पर दान कर दिया जाए तो उन्हें सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। इंदिरा एकादशी का व्रत करने वाले व्यक्ति के सात पीढ़ियों तक के पितृ तर जाते हैं। इस एकादशी में भगवान शालिग्राम की पूजा की जाती है। इस व्रत को रखने वाले को मोक्ष मिलता है। बता दें कि साल भर में कुल 26 एकादशी होती हैं। अगर आप एकादशी का व्रत रखना चाहते हैं तो देव उठनी एकादशी से शुरू कर सकते हैं। यह एकादशी दिवाली के बाद आती है।

इंदिरा एकादशी में ऐसे करें पूजा

पितृ पक्ष में पड़ रही इंदिरा एकादशी पर पूजा करने के लिए सुबह उठकर स्नान पश्चात व्रत का संकल्प लिया जाता है। इस दिन साफ कपड़े पहने जाते हैं। पीला रंग भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है। इस एकादशी की पूजा के लिए चौकी सजाकर उस पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित की जाती है। पूजा में पीले फल, पीली मिठाई, पीले फूल और तुलसी शामिल करने की विशेष मान्यता होती है। इसके बाद श्रीहरि के समक्ष दीया जलाया जाता है। अक्षत और माला अर्पित की जाती है और विष्णु मंत्र पढ़े जाते हैं। इंदिरा एकादशी की कथा पढ़कर और आरती करने के बाद इंदिरा एकादशी की पूजा (Indira Ekadashi Puja) संपन्न की जाती है।

चौमुखी दीपक जलाने का महत्व

इंदिरा एकादशी के दिन चौमुखी दीपक जलाना बेहद शुभ माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि यह दीपक चारों दिशाओं – पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में जब आप इस दीपक को प्रज्वलित करते हैं तो इसका प्रकाश चारों दिशाओं में फैलता है। इस दीपक को चार वेदों का प्रतीक भी माना जाता है। बता दें कि भगवान विष्णु को ही चार वेदों का स्वामी माना जाता है। ऐसे में जब आप यह दीपक जलाते हैं तो आपको श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। hindi.moneycontrol.com इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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