IPL 2023: लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की मुंबई इंडियंस (MI) पर पांच रनों की रोमांचक जीत के हीरो रहे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहसिन खान (Mohsin Khan) ने मंगलवार को अपना ऐतिहासिक प्रदर्शन अपने बीमार पिता को समर्पित किया, जिन्हें 10 दिन ICU में बिताने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। उत्तर प्रदेश के 24 वर्षीय IPL स्टार का पिछले साल एक सनसनीखेज सीजन था। लेकिन वह बाएं कंधे की चोट के कारण इस साल पूरे घरेलू सीजन और IPL के अधिकांश भाग से चूक गए थे। 2023 के आईपीएल में केवल अपना दूसरा मैच खेलते हुए खान ने विनाशकारी टिम डेविड के खिलाफ अंतिम ओवर में 11 रन का बचाव किया, क्योंकि लखनऊ सुपर जायंट्स मुंबई इंडियंस पर पांच रन की जीत के साथ IPL प्लेऑफ के करीब पहुंच गया।
मुंबई को आखिरी ओवर में जीत के लिए 11 रन की जरूरत थी। क्रीज पर टिम डेविड और कैमरून ग्रीन जैसे आक्रामक बल्लेबाज थे लेकिन मोहसिन ने शानदार गेंदबाजी कर टीम को यादगार जीत दिलाई। इस जीत से लखनऊ की टीम प्लेऑफ में जगह पक्की करने के करीब पहुंची।
मैच के बाद मोहसिन खान ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि एक दिन पहले ही उनके पिता ICU से बाहर आए थे। खान ने कहा, "मेरे पिता ICU में थे और मैं उनके लिए खेल रहा था। वह कल (15 मई) ही डिस्चार्च हुए हैं। वह जरूर टीवी पर मैच देख रहे होंगे। मैं केवल उनके लिए खेल रहा था। मैं उनके लिए यह मैच जीतना चाहता था। वह पिछले 10 दिनों से आईसीयू में थे। वह मेरे प्रदर्शन से जरूर खुश होंगे।"
मोहसिन खान ने इंडियन प्रीमियर लीग टी20 मैच में मुंबई इंडियंस के खिलाफ टीम को यादगार जीत दिलाने के बाद अपनी बीमारी का जिक्र करते हुए बताया कि अगर वह डॉक्टरों के पास सही समय पर नहीं पहुंचते तो उनका हाथ भी काटना पड़ सकता था। इस तेज गेंदबाज को पिछले साल कंधे की सर्जरी करानी पड़ी थी। उनके बायें कंधे में खून के थक्के जम गए थे। इस सर्जरी के कारण वह पूरे घरेलू सीजन और आईपीएल के शुरुआती मैच नहीं खेल पाए थे।
मोहसिन ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा कि एक समय था जब मैंने क्रिकेट खेलने का भरोसा छोड़ दिया था, क्योंकि मेरा हाथ उठता भी नहीं था। बहुत कोशिश करके हाथ किसी तरह उठाता था तो यह सीधा नहीं होता था। उन्होंने कहा कि यह मेडिकल संबंधी बीमारी थी। मैं उस समय को याद करके डर जाता हूं, क्योंकि डॉक्टरों ने कहा था कि अगर मैं सर्जरी में एक महीना और देर करता, तो मेरा हाथ भी काटना पड़ सकता था।
तेज गेंदबाज ने कहा कि मै चाहूंगा कि किसी भी क्रिकेटर को यह बीमारी ना हो। यह अजीब तरह की बीमारी थी। मेरी धमनियां पूरी तरह से बंद हो गई थीं। इनमें खून के थक्के जम गए थे। क्रिकेट संघ (उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ), राजीव शुक्ला सर, मेरी फ्रेंचाइजी (लखनऊ सुपरजायंट्स) , मेरे परिवार ने इस मुश्किल समय में काफी समर्थन किया, सहयोग दिया। सर्जरी से पहले और उसके बाद मैंने बहुत ही कठिन समय देखा है लेकिन सब ने मेरा साथ दिया।
आखिरी ओवर की योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जाहिर है कि इसका दबाव होता है। मैं मैदान में वही करने की कोशिश कर रहा था जो हम आमतौर पर अभ्यास के दौरान करते है। मैं 10 या 11 रन का बचाव करने के बारे में नहीं सोच रहा था। मै छह अच्छी गेंद डालने के बारे में सोच रहा था।