असम पुलिस ने बुधवार आधी रात को गुजरात के दलित नेता और वडगाम से कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी (Jignesh Mevani) को गिरफ्तार कर लिया। असम पुलिस ने पालनपुर सर्किट हाउस से बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे गिरफ्तार किया। मेवाणी को असम ले जाया जा रहा है। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ किए गए एक आपत्तिजनक ट्वीट के लिए गिरफ्तार किया गया है। असम पुलिस जिग्नेश को पालनपुर से गिरफ्तार कर पहले अहमदाबाद ले गई। फिर फ्लाइट से तड़के करीब 4.30 बजे उनको असम ले जाया गया।
जानकारी के मुताबिक, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कट्टर आलोचक जिग्नेश मेवाणी बुधवार को पालनपुर में रुके थे। वहीं के सर्किट हाउस से असम के कोकराझार जिला पुलिस की एक टीम ने रात करीब 11:30 बजे उन्हें गिरफ्तार किया। उनके समर्थकों का आरोप है कि असम पुलिस की ओर से उनको FIR की कॉपी नहीं दी गई जो कथित रूप से उनके खिलाफ दर्ज है।
हिंदुस्तान टाइम्स के मुातबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर किए गए एक आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर FIR दर्ज होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दलित नेता मेवाणी ने कथित तौर पर कुछ विवादित ट्वीट्स किए थे। आरोप है कि उन्होंने 'गोडसे' का नाम लेकर प्रधानमंत्री मोदी से गुजरात में सांप्रदायिक झड़पों के खिलाफ शांति और सद्भाव की अपील करने को कहा था।
फिलहाल, जिग्नेश मेवाणी की गिरफ्तारी से राज्य की सियासत में सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस के बड़े दलित चेहरे जिग्नेश को ऐसे समय में गिरफ्तार किया गया है, जब इसी साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस नेताओं के समर्थक आज 21 अप्रैल को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 'संविधान बचाओ, देश बचाओ' के नारों के साथ उनकी गिरफ्तारी का विरोध करेंगे।
मेवाणी की गिरफ्तारी कांग्रेस नेताओं इसकी निंदा की है। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी (Srinivas BV) ने कहा किगुजरात के एक चुने हुए विधायक को आधी रात में अपराधियों की तरह असम पुलिस गुजरात से गिरफ्तार किया गया है। वो बिना किसी FIR कॉपी या गिरफ्तारी आदेश दिखाए। एक लोकतंत्र के तौर पर आखिर किस दिशा में हम जा रहे हैं, सोचने की आवश्याकता है। मैं जिग्नेश मेवाणी की तुरंत रिहाई की मांग करता हूं।