29 नवंबर यानी रविवार की सुबह केरल के एर्नाकुलम जिले के कलामासेरी इलाके में यहोवा के साक्षियों की सभा में हुए कई विस्फोटों से जुड़ी शुरुआती जांच में यह बात निकल कर सामने आई है कि इस ब्लास्ट में चार IED का इस्तेमाल किया गया था। वहीं इस ब्लास्ट में अभी तक तीन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। ब्लास्ट की जांच में लगी एजेंसियों के सूत्रों ने CNN-News18 को इस बात की जानकारी दी है। अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती फोरेंसिक एनालिसिस के मुताबिक IED कमजोर कटेगरी के विस्फोटकों से बने थे। इसे आग लगाने वाली डिवाइस के तौर पर बदलने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया था।
पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बारुद से किया गया ब्लास्ट?
अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती तौर पर ऐसा कहा जा सकता है कि ये विस्फोटक उसी तरह के ते दिनका इस्तेमाल पटाखों को बनाने के लिए किया जाता है। हालांकि अभी सटीक जांच के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। वहीं अधिकारियों ने पेट्रोल के इस्तेमाल पर कहा कि इससे ब्लास्ट करने के मकसद से आग लगाने के लिए इस्तेमाल किया गया होगा।
ब्लास्ट वाली जगह से बरामद हुईं ये चीजें
ब्लास्ट की जांच करने वाली टीम ने जगह से बैटरी, तार, सर्किट और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि जिस कंटेनर में बम इकट्ठा किया गया था उसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने रविवार को ऐसी आशंका जताई थी कि IED को इकट्ठा करने के लिए एक टिफिन बॉक्स का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि मामले में और ज्यादा सबूतों का पता लगाने के लिए सोमवार को और भी ज्यादा टेस्ट किए जाएंगें। इसके अलावा कंवेंशन सेंटर की तलाशी भी ली जाएगी।
किसने ली है ब्लास्ट की जिम्मेदारी
इसी बीच पुलिस की जांच से पता चलता है कि डोमिनिक मार्टिन नाम एक व्यक्ति ने इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है। मार्टिन ने ही अपने घर पर IED इकट्ठा किया और बम बनाने से जुड़े पैतरों को सीखने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल किया। वह गल्फ देशों में फोरमैन की नौकरी भी कर चुका है जिस वजह से उसे मशीनों की काफी जानकारी भी है। अब तक की जांच से पता चलता है कि छह साल पहले यहोवा के साक्षियों को छोड़ने वाले मार्टिन के लिए तत्काल कोई उकसावे की कार्रवाई नहीं की गई थी। अधिकारियों ने कहा, "मार्टिन ने न केवल सोशल मीडिया पर कबूल किया बल्कि अपना गुनाह कुबूल करते हुए पुलिस को वीडियो जैसे सभी सबूत भी मुहैया कराए।"
NSG जल्द ही केंद्र सरकार को देगी रिपोर्ट
जांस में केरल पुलिस को NAI और NSG को बम डेटा संटर से सहायता दी जा रही है। NSG की टीम विस्फोच के बादी रिपोर्ट जल्द ही केंद्र सरकार को देगी। रविवार से वेंटिलेटर पर चल रहे 12 वर्षीय बच्चे की सोमवार को मौत हो जाने के बाद विस्फोट में मरने वालों की संख्या तीन हो गई। केंद्रीय एजेंसियों का भी मानना है कि मार्टिन ने ही धमाकों को अंजाम दिया है। उसने पुलिस को बताया है कि वह यहोवा के साक्षियों की तरफ से फैलाई जा रही विचारधारा से नाखुश था और इसलिए उसने हमले को अंजाम देने का फैसला किया।