केरल के कोल्लम (Kerala Kollam) में भारतीय सेना के एक जवान पर हमले का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कोल्लम में छह अज्ञात बदमाशों के एक समूह ने कथित तौर पर सेना के जवान पर हमला किया। बेरहमी से पिटाई के बाद हमलावरों ने जवान की पीठ पर PFI (Popular Front of India) लिख दिया। बता दें कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया एक प्रतिबंधित इस्लामी आतंकी संगठन है। भारतीय सेना के जवान शाइन कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह घटना रविवार (24 सितंबर) रात उनके घर के बगल में स्थित रबड़ के जंगल में हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, पहले दो बदमाश उनके घर में घुसे और फिर जबरन उठाकर पास के रबड़ के जंगलों में लेकर गए। वहां जवान के हाथ-पैर बांधने के बाद आरोपियों ने बेरहमी से पिटाई की और फिर पीठ पर PFI लिख दिया। कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके हाथ टेप से बांध दिए गए थे और उनकी पीठ पर पेंट से PFI लिख दिया गया।
मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 143 (गैरकानूनी जमावड़ा), 147 (दंगा), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 341 (गलत तरीके से रोकना) और 153 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह घटना उस दिन सामने आई थी जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रतिबंधित PFI की जांच के सिलसिले में केरल में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। एर्नाकुलम, मलप्पुरम, वायनाड और त्रिशूर सहित कम से कम चार जिलों में आज भी छापेमारी चल रही है। सोमवार सुबह शुरू हुई छापेमारी CRF और केरल पुलिस के जवानों की मदद से जारी है।
NIA ने PFI मेंबर को किया गिरफ्तार
इससे पहले जनवरी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने PFI के सदस्य मोहम्मद सादिक को कोल्लम में गिरफ्तार किया था। उसे PFI संगठन के पूर्व PRO के घर पर कोल्लम और तिरुवनंतपुरम जिलों में RSS नेताओं का डिटेल्स मिला था। NIA टीम ने 17 जनवरी को सुबह करीब 3 बजे सादिक के घर पर छापा मारा और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।
फरवरी 2022 में इडुक्की जिले के एक पुलिस स्टेशन के एक कांस्टेबल पीके अनस को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, क्योंकि यह पाया गया था कि वह RSS कार्यकर्ताओं और नेताओं के डिटेल्स PFI की राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) को लीक कर रहा था।
बता दें कि PFI एक प्रतिबंधित संगठन है जिस पर मनी लॉन्ड्रिंग समेत RSS नेताओं पर हमले की खतरनाक प्लान बनाने समेत कई गंभीर आरोप हैं। इस संगठन के पैसों के लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। इस भारत विरोधी संगठन सऊदी अरब, UAE समेत कई मुस्लिम देशों से हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए पैसे बनाने का आरोप है।