स्लिम होने की चाहत टीनएजर लड़की को पड़ा महंगा, जरूरत से ज्यादा डाइटिंग ने छीन ली जिंदगी

केरल के कन्नूर में 18 वर्षीय श्रीनंदा की मौत जरूरत से ज्यादा डाइटिंग के कारण हो गई। सोशल मीडिया से मिले ऑनलाइन डाइट प्लान को फॉलो करते हुए उसने महीनों तक खाना छोड़ दिया, जिससे उसकी सेहत बिगड़ती गई। अस्पताल में 12 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद उसने दम तोड़ दिया

अपडेटेड Mar 15, 2025 पर 4:04 PM
18 वर्षीय लड़की श्रीनंदा की मौत ज्यादा डाइटिंग के कारण हो गई

आज के दौर में फिट और स्लिम दिखना सिर्फ एक जरूरत नहीं, बल्कि एक ट्रेंड बन चुका है। सोशल मीडिया पर परफेक्ट बॉडी पाने की होड़ में कई युवा खुद को कड़े डाइट प्लान और वर्कआउट रूटीन में झोंक देते हैं, लेकिन कभी-कभी यह जुनून जानलेवा भी साबित हो सकता है। केरल के कन्नूर जिले में हाल ही में ऐसी ही एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। एक 18 वर्षीय लड़की ने ऑनलाइन डाइट टिप्स के चक्कर में ऐसा कदम उठाया, जो उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गया।

वजन बढ़ने के डर से उसने खुद को इस हद तक भूखा रखा कि उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। नतीजा यह हुआ कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, लेकिन डॉक्टर भी उसे बचा नहीं सके। यह घटना एक चेतावनी है कि सेहत से खिलवाड़ कभी भी घातक हो सकता है।

जरूरत से ज्यादा डाइटिंग बनी जानलेवा


कन्नूर की 18 वर्षीय श्रीनंदा, जो मट्टनूर पझस्सिराजा एनएसएस कॉलेज की प्रथम वर्ष की छात्रा थी, अपनी फिटनेस को लेकर इतनी चिंतित थी कि उसने महीनों तक खाना छोड़ दिया। वजन बढ़ने के डर से उसने सिर्फ गर्म पानी पर निर्भर रहना शुरू कर दिया, जिससे उसकी सेहत लगातार बिगड़ती गई। हालत इतनी गंभीर हो गई कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अस्पताल में 12 दिन तक चली जिंदगी की जंग

गंभीर हालत में श्रीनंदा को थलास्सेरी को-ऑपरेटिव अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह 12 दिन तक वेंटिलेटर पर रही। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल लाने के वक्त उसका वजन मात्र 24 किलोग्राम रह गया था। ब्लड शुगर, सोडियम और ब्लड प्रेशर बेहद खतरनाक स्तर तक गिर चुके थे, जिससे उसकी जान बचाना मुश्किल हो गया।

ऑनलाइन डाइट प्लान का घातक असर

परिजनों का कहना है कि श्रीनंदा सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से मिले डाइट टिप्स को फॉलो कर रही थी। वह घंटों एक्सरसाइज करती और खाना पूरी तरह अवॉयड कर रही थी। डॉक्टरों को संदेह है कि वह एनोरेक्सिया नर्वोसा नामक मानसिक बीमारी से पीड़ित थी, जिसमें व्यक्ति खुद को मोटा समझता है और जरूरत से ज्यादा डाइटिंग करता है।

पहले भी बिगड़ी थी तबीयत, लेकिन नहीं सुधरी आदत

परिवारवालों के मुताबिक, श्रीनंदा पिछले 5-6 महीनों से सही से खाना नहीं खा रही थी। करीब पांच महीने पहले उसे डॉक्टरों ने सही पोषण लेने और मनोचिकित्सक से सलाह लेने की सलाह दी थी, लेकिन उसकी स्थिति लगातार खराब होती गई। दो हफ्ते पहले अचानक उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई, ब्लड शुगर बेहद कम हो गया और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।

सेहत से खिलवाड़ ना करें

ये घटना हमें सिखाती है कि सेहतमंद रहना जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा डाइटिंग और बिना विशेषज्ञ की सलाह के अपनाए गए फिटनेस प्लान घातक हो सकते हैं। सही खानपान और संतुलित लाइफस्टाइल अपनाना ही हेल्दी रहने का सबसे अच्छा तरीका है।

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